सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनाव आयोग (ईसीआई) से कहा कि वह जनहित याचिका (पीआईएल) को प्रतिनिधित्व के रूप में माने और अत्यधिक चुनाव खर्च को रोकने के लिए अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) में सुझाए गए सुझावों पर विचार करे।
पीआईएल पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
- सुप्रीम कोर्ट की पीठ में मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया शामिल थे।
- पीठ ने कहा कि अदालत तीसरे पक्ष की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं कर सकती, क्योंकि चुनाव आयोग ने भी उन रिपोर्टों पर आपत्ति जताई है।
- कोर्ट ने कहा कि जनहित याचिका दाखिल करने वाले प्रभाकर देशपांडे की ओर से दिए गए सुझाव विचार करने योग्य हैं। देशपांडे आईआईटी स्नातक हैं।
रसायन अभियंता प्रभाकर देशपांडे ने चुनाव आयोग से निर्देश देने की मांग की थी कि वह गलत उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाए और चुनाव खर्च की सीमा पर पुनर्विचार करे, ताकि लोकतांत्रिक विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने अपनी मौजूदा निगरानी प्रणाली का बचाव किया, जिसमें अखिल भारतीय सेवाओं के स्वतंत्र व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति शामिल है। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की शिकायतें इस बात पर आधारित हैं कि ये उपाय कितने प्रभावी हैं और ये शिकायतें सार्वजनिक हित में दर्ज की गई हैं।
याचिका सार्वजनिक हित में दायर
पीठ ने कहा, हमें ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता है कि याचिका को व्यापक सार्वजनिक हित में दायर किया गया न माना जाए। याचिका चुनाव आयोग से विस्तृत नीति बनाने का आग्रह करती है, ताकि चुनाव में अत्यधिक खर्च रोका जा सके। याचिका में एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर आपत्ति जताई है।
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पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग ने बताया कि व्यय पर्यवेक्षक और सहायक व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि ये पर्यवेक्षक अखिल भारतीय सेवाओं या अन्य स्वतंत्र निकायों के सदस्य हैं और उम्मीदवारों के प्रभाव से स्वतंत्र हैं।
'याचिकाकर्ता के सुझावों पर विचार करे चुनाव आयोग'
पीठ ने कहा, चुनाव आयोग ने जब इस रिपोर्ट का खंडन किया है, तो हम उसके भरोसे नहीं रह सकते। हालांकि, याचिकाकर्ता के सुझावों पर चुनाव आयोग विचार कर सकता है। हम याचिका निपटाते हुए चुनाव आयोग को निर्देश देते हैं कि याचिकाकर्ता के सुझाव अपनी समिति में भेजे। यदि समिति कोई सुझाव उपयोगी पाती है तो उसे अपनी एसओपी में शामिल किया जा सकता है।