उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को बाल अधिकार कार्यकर्ता एनाकक्षी गांगुली की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की किशोर न्याय समिति से एक ताजा विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। गांगुली ने दावा किया कि अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी होने ले बाद कई बच्चों को हिरासत में लिया गया है।
न्यायमूर्ति एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने किशार न्याय समिति से कहा कि वह अपनी रिपोर्ट यथाशीघ्र पेश करें। पीठ ने इसके साथ ही इस मामले को तीन दिसबंर के लिये सूचीबद्ध कर दिया है।
पीठ ने इन आरोपों की नये सिरे से जांच की आवश्यकता है क्योंकि समिति की पहले की रिपोर्ट समयाभाव की वजह से शीर्ष अदालत के आदेश के अनुरूप नहीं थी। शीर्ष अदालत कश्मीर घाटी में गैरकानूनी तरीके से नाबालिगों को कथित रूप से हिरासत में लिये जाने का मुद्दा उठाने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।