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42 हजार खरीदारों को कब मिलेगा पजेशन? आम्रपाली ग्रुप से SC ने एक हफ्ते में मांगा डिटेल प्लान

Thu, 01 Feb 2018 03:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली डेवलपर्स को अपने विभिन्न प्रोजेक्ट के 42 हजार लोगों को फ्लैट देने को लेकर विस्तृत प्रस्ताव देने के लिए कहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि खरीदारों को फ्लैट मिलेगा। प्रोजेक्ट के पूरे होने की संभावना नहीं होने की स्थिति में ही खरीदारों को रिफंड करने का आदेश दिया जाएगा।

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न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की पीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि हमें फ्लैट खरीदारों की चिंता है। पीठ ने कहा कि लोगों अपने जीवन भर की बचत पर एक अदद फ्लैट के लिए रुपये जमा किए हैं और डवलपर्स ने खरीदारों के पैसे को डायवर्ट कर दिया। 

आईआरपी द्वारा फ्लैट खरीदारों को डिमांड नोटिस भेजने पर रोक

पीठ ने आम्रपाली को एक हफ्ते के भीतर अपनी विभिन्न प्रोजेक्ट्स को लेकर विस्त़ृत प्रस्ताव देने के लिए कहा है। पीठ ने आम्रपाली को यह बताने के लिए कहा है कि वह कैसे काम करेंगे और सभी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में कितना खर्च होगा। सुनवाई के दौरान पीठ ने पाया कि अधिकतर खरीदारों ने फ्लैट की इच्छा जताई है। लिहाजा पीठ ने कहा कि रिफंड उसी स्थिति में होगा अब प्रोजेक्ट्स के पूरे होने की संभावना ही न हो। 
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अम्रपाली सिलिकॉन सिटी प्रोजेक्टस के टावरों में अग्निशमन यंत्र लगाने को कहा

साथ ही पीठ ने अंतरिम रेज्यूलेशन प्रोफेशनल (आईआरपी) द्वारा सिलिकॉन सिटी सिटी प्रोजेक्ट के फ्लैट मालिकों से अतिरिक्त रकम मांगने पर कड़ा ऐतराज जताया। आईआरपी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गौरव बनर्जी ने कहा कि टावर में अग्निशमन यंत्र और इलेक्टिकल सेफ्टी उपकरण लगाने में करीब 21 करोड़ रुपये का खर्च है। इस प्रोजेक्टस में करीब 1000 परिवार रह रहे हैं। आईआरपी ने टावर में अग्निशमन यंत्र और इलेक्टिकल सेफ्टी उपकरण लगाने के मद्देनजर खरीदारों को डिमांड नोटिस भेजा था। 

पीठ ने आईआपी से कहा कि वह खरीदारों से अतिरिक्त रकम की डिमांड नहीं कर सकता। पीठ ने इसे धोखाधड़ी बताया। खरीदार पहले ही अपनी गाढ़ी कमाई प्रमोटर को दे चुके हैं। पीठ ने आम्रपाली को चार हफ्ते के भीतर इन टावर में अग्निशमन यंत्र और इलेक्टिकल सेफ्टी उपकरण लगाने का आदेश दिया है। आईआरपी को इस काम में डवलपर्स को दखल नहीं करने के लिए कहा है। 

साथ ही पीठ ने आईआरपी को भविष्य में खरीदारों को डिमांट नोटिस भेजने से मना किया है। मालूम हो कि  नोएडा के सेक्टर-76 स्थित सिलिकॉन सिटी सिटी प्रोजेक्ट केएक टावर में हाल ही में आगजनी की घटना हुई थी। 

शीर्ष अदालत खरीदारों की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के गत वर्ष चार सितंबर के दिए आदेश को चुनौती दी गई है। एनसीएलटी ने आम्रपाली के खिलाफ दिवालियापन की कार्रवाई शुरू करने की इजाजत दे दी थी। जिसकेबाद आम्रपाली के प्रबंधन आईआरपी के पास आ गया है।

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