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SC: दंपती का तलाक, पत्नी को मिलेगा करोड़ों का फ्लैट, पति पर लगे सभी केस रद्द; वैवाहिक विवाद पर 'सुप्रीम' आदेश

Tue, 05 Aug 2025 07:32 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आठ साल से चल रहे वैवाहिक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने तलाक की मंजूरी दी। कोर्ट ने महिला के आरोप खारिज कर पति को मुंबई का ₹4 करोड़ का फ्लैट पत्नी के नाम करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि रिश्ता पूरी तरह टूट चुका है, अब न्याय के लिए आर्टिकल 142 लागू करना जरूरी है।

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सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक तलाकशुदा जोड़े के बीच लंबी कानूनी लड़ाई को खत्म करते हुए दोनों को तलाक की मंजूरी दे दी और पति को मुंबई का चार करोड़ रुपये का फ्लैट पत्नी को देने का आदेश दिया। मामले में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पति-पत्नी के बीच पिछले आठ वर्षों से चल रहे विवाद और दर्जनों कानूनी मामलों से यह साफ है कि अब यह रिश्ता पूरी तरह टूट चुका है।

कोर्ट ने महिला के आरोपों को किया खारिज

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कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में आर्टिकल 142 के तहत न्याय करना जरूरी है। इसके तहत कोर्ट ने शादी को अप्रतिवर्तनीय रूप से टूट चुका मानते हुए तलाक दे दिया। कोर्ट ने महिला द्वारा पति पर लगाए गए घरेलू हिंसा, विश्वासघात और क्रूरता के आपराधिक केसों को भी खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इन शिकायतों में कोई ठोस जानकारी या उदाहरण नहीं थे।

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पति को दिया फ्लैट देने का आदेश
मामले में कोर्ट ने पति को आदेश दिया कि वह एक सितंबर 2025 तक फ्लैट की मेंटेनेंस राशि का बकाया जमा करे और 30 अगस्त तक पत्नी के नाम रजिस्ट्री करे। कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर पति ऐसा नहीं करता, तो तलाक का आदेश अमान्य हो जाएगा। अगर पत्नी रजिस्ट्री के लिए तय तारीख पर नहीं पहुंची, तो उसे 15 सितंबर 2025 को फिर से बुलाया जाएगा। अगर वह तब भी नहीं आई, तो तलाक मान्य होगा।

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कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच चल रहे मामलों को किया बंद

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इसके साथ ही अंत में कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच चल रहे सभी नागरिक और आपराधिक मामलों को बंद कर दिया और भविष्य में भी एक-दूसरे के खिलाफ कोई केस न करने का आदेश दिया। बता दें कि यह फैसला तलाकशुदा जोड़ों के लिए मिसाल बन सकता है, जहां कोर्ट ने सम्पूर्ण न्याय करते हुए संपत्ति के बंटवारे से लेकर कानूनी मामलों को एक ही फैसले में निपटा दिया।

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