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ग्रीष्म अवकाश के बाद मतपत्र से चुनाव कराने संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगी सुनवाई

Mon, 17 Jun 2019 12:33 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
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उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने एक बार फिर देश में  मतपत्रों से मतदान कराने की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। याचिका में मांग की गई थी कि 17वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव को निरस्त करके मतपत्रों से दोबारा मतदान कराने की मांग की गई है। वकील एमएल शर्मा ने यह याचिका दायर की है। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा, 'मामला ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद नियत समय पर सूचीबद्ध किया जाएगा।'

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इससे पहले 14 जून को भी मतपत्र से दोबारा लोकसभा चुनाव कराने के निर्देश देने की याचिका पर अदालत ने तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने 13 जून को कहा था कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स (आरपी) एक्ट के तहत चुनाव केवल मतपत्र से ही हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने मांग की है कि इन चुनाव परिणामों को खारिज किया जाए और बैलेट पेपर के जरिए नए चुनाव कराए जाएं।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव 2019 मई महीने में पूरे हुए हैं। इसमें भारतीय जनता पार्टी  300 से भी अधिक सीटें जीतकर एक बार फिर सत्ता में आई है। वहीं कांग्रेस पार्टी महज 52 सीट पर आकर सिमट गई। विपक्षी पार्टियां कई चुनावों में हार के बाद ईवीएम पर सवाल खड़े करती रही हैं। 

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हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ईवीएम की जगह मतपत्र से मतदान कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि हम मशीन नहीं चाहते, हमारी मांग है कि कागज के मतपत्र वाले युग की वापसी हो। हम एक आंदोलन प्रारंभ करेंगे और यह बंगाल से शुरू होगा। 

बनर्जी ने कहा था कि मैं सभी 23 विपक्षी राजनीतिक दलों से कहूंगी कि वे साथ आएं और बैलेट पेपर की वापसी की मांग करें। अमेरिका जैसे देश में भी ईवीएम पर प्रतिबंध लगा हुआ है। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र बचाओ, हमें ईवीएम नहीं चाहिए, बैलेट पर लौटो। ईवीएम पर एक तथ्य खोज समिति बननी चाहिए।
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