उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की घटना की अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच के लिए याचिका पर सोमवार को सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी क्योंकि इस मामले में कोई वकील पेश नहीं हुआ। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था।
पीठ ने सवाल किया, 'इस मामले में कोई पेश नहीं हो रहा है? पिछली तारीख पर भी कोई पेश नहीं हुआ था? हमें क्या करना चाहिए? हमने पिछली तारीख पर ही कहा था कि आपको बंबई उच्च न्यायालय जाने के बारे में विचार करना चाहिए।' इस टिप्पणी के साथ ही पीठ ने पुनीत कौर ढांडा की जनहित याचिका एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
दिशा सालियान की मौत की घटना की न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच के लिए दायर इस याचिका में यह अनुरोध भी किया गया है कि मुंबई के शीर्ष पुलिस अधिकारी को इस मामले की जांच की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने का निर्देश दिया जाए।
अधिवक्ता पुनीत ढांडा के माध्यम से दायर इस याचिका में दावा किया गया है कि सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की मौत की घटनाएं परस्पर जुड़ी हैं क्योंकि दोनों ही संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई हैं।
याचिका के अनुसार, 'सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद दिशा सालियान और सुशांत की मौत के बीच तरह-तरह की साजिश की कहानियों का बाजार गर्म है। दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में सफलता की बुलंदी पर थे जब उनकी मृत्यु हुई।' 28 साल की दिशा सालियान की आठ जून को मुंबई के मलाड (पश्चिम) में एक रिहाइशी इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई।
इसके चंद दिन बाद ही 14 जून को 34 वर्षीय सुशांत मुंबई के उपनगर बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में छत से लटके मिले। सुशांत की मौत के मामले की जांच शुरू में मुंबई पुलिस कर रही थी। बाद में अगस्त महीने में उच्चतम न्यायालय ने इसे सीबीआई को सौंप दिया था। याचिका में कहा गया है कि अगर शीर्ष अदालत मुंबई पुलिस की जांच रिपोर्ट के अवलोकन के बाद उससे संतुष्ट नहीं होती है तो इसे सीबीआई को हस्तांतरित कर देना चाहिए।