महामारी में एसबीआई के विभिन्न मंचों पर डिजिटल लेनदेन 7 फीसदी बढ़कर 67 फीसदी पहुंच गया है, जो महामारी से पहले 60 फीसदी था। बैंक के चेयरमैन दिनेश खारा ने शुक्रवार को बताया कि महामारी के दौरान लॉकडाउन के कारण ई-कॉमर्स गतिविधियां बढ़ने से डिजिटल लेनदेन में तेजी आई है। इसमें बैंक के प्रयासों का भी अहम योगदान है।
बैंक के चेयरमैन ने कहा- योनो के जरिए प्रतिदिन खोले जा रहे 40,000 तक बचत खाते
उन्होंने कहा कि बैंक में हम डिजिटल रूप से जागरूक ग्राहकों के अलावा उन्हें भी सेवाएं देते हैं, जो डिजिटल लेनदेन में इतने कुशल नहीं होते हैं। ऐसे में यह आंकड़ा काफी अच्छा है। रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (आरटीजीएस) की 24 घंटे उपलब्धता और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) की वजह से भी बैंक को डिजिटल लेनदेन बढ़ाने में मदद मिली है।
इसके अलावा, बैंक के डिजिटल ऋण मंच योनो ने भी 2020-21 के दौरान अच्छी वृद्धि दर्ज की है। योनो के 3.5 करोड़ पंजीकृत प्रयोगकर्ता हैं। इसके जरिए रोजाना 35,000 से 40,000 बचत खाते खोले जा रहे हैं। चालू वित्त वर्ष के दौरान योनो के जरिए 12.82 लाख ग्राहकों को 16,000 करोड़ रुपये प्री-अप्रूव्ड लोन दिए गए हैं।
एचडीएफसी : एमएसएमई कर्ज 30 फीसदी बढ़कर 2 लाख करोड़ पार
एचडीएफसी बैंक का सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) क्षेत्र को दिया गया कर्ज दिसंबर, 2020 तक सालाना आधार पर 30 फीसदी बढ़कर 2,01,758 करोड़ रुपये पहुंच गया। दिसंबर, 2019 में यह आंकड़ा 1.4 लाख करोड़ रुपये था।
बैंक के वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष (कारोबार बैंकिंग, हेल्थकेयर फाइनेंस) सुमंत रामपाल ने शुक्रवार को कहा, एमएसएमई क्षेत्र को बांटा गया हमारा कर्ज कोरोना के पूर्व स्तर पर पहुंच गया है। इसमें सरकार की आपात ऋण सुविधा गारंटी (ईसीएलजी) योजना से मदद मिली। महामारी के दौरान एमएसएमई क्षेत्र के लिए लाई गई इस योजना के तहत बैंक ने 23,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज बांटे।