पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में उथल-पुथल मची है। इस बीच रविवार को टीएमसी के कई सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे। भाजपा नेता के घर पहुंचने वाले सांसदों में काकोली घोष, माला रॉय, सायोनी घोष, शताब्दी रॉय, अरूप चक्रवर्ती शामिल हैं।
वहीं तृणमूल कांग्रेस की नेता सयानी घोष ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से साफ इनकार कर दिया है। एक बातचीत के दौरान जब रिपोर्टर ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की, तो उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। सयानी घोष ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मैं आपको जवाब नहीं दूंगी। मैं केवल अपने क्षेत्र के लोगों को जवाब दूंगी।'
सयानी घोष के इस जवाब के बाद रिपोर्टर ने उन्हें अपनी बात रखने के लिए फिर से कहा। रिपोर्टर ने उनसे कहा कि जनता उनकी बात सुन रही है और यह आवाज उनके क्षेत्र के लोगों तक भी पहुंच रही है। इस पर सयानी घोष ने बहुत छोटा और नपा-तुला जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'आवाज आगे भी पहुंचेगी।'
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इस सबके बीच पार्टी सूत्रों से खबर आ रही है कि प्रमुख ममता बनर्जी ने संगठन में बड़े बदलाव करते हुए सांसद सयानी घोष को युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब अर्नब बनर्जी को यह जिम्मेदारी मिली है। हैरानी की बात यह है कि कुछ दिन पहले ही ममता बनर्जी ने सयानी को इस पद पर दोबारा नियुक्त किया था। लेकिन अब अचानक उन्हें हटाना पार्टी के भीतर चल रही बगावत को जग जाहिर करता है। खबरों के अनुसार, टीएमसी के 28 में से 20 सांसद बागी हो गए हैं। सयानी घोष भी इसी गुट का हिस्सा बताई जा रही हैं। यह बागी गुट संसद में खुद को असली टीएमसी के रूप में मान्यता दिलाने की कोशिश में है। चर्चा यह भी है कि यह समूह एनडीए का समर्थन कर सकता है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंची सयानी घोष
इस बीच, टीएमसी सांसद सयानी घोष दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंची हैं। पार्टी में मची कलह के बीच उनकी इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। इससे राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।