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जंतर-मंतर एट कोच्चि: सीजेपी के कार्यकर्ता जुटे, अभिजीत दीपके पहुंचे; चुनाव प्रक्रिया पर फिर क्या सवाल उठाए?

Sat, 07 Nov 2026 06:12 PM IST
निर्मल कांत एएनआई, कोच्चि (केरलम)।

सार

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने गिरफ्तारी के बावजूद देशभर में तिरंगा लेकर घूमने का एलान किया और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लोगों की आजादी छीनने का आरोप लगाया। दीपके ने 'जंतर-मंतर एट कोच्चि' में क्या कुछ कहा? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 
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'जंतर-मंतर एट कोच्चि' के मंच पर अभिजीत दीपके - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/पीटीआई
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विस्तार
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार को कोच्चि हवाई अड्डे पहुंचे। इसके बाद वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी है। इस प्रदर्शन का नाम 'जंतर-मंतर एट कोच्चि' (कोच्चि में जंतर-मंतर) रखा गया है।

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दीपके ने कहा कि वह गिरफ्तारी के बावजूद देशभर में राष्ट्रीय ध्वज लेकर जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोगों के खानपान, निजी रिश्तों और वोट देने के अधिकार को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।

'जंतर-मंतर एट कोच्चि' में सीजेपी संस्थापक ने कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था स्थापित होने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

क्यों हुई थी गिरफ्तारी?
दीपके ने दिल्ली में अपनी गिरफ्तारी का जिक्र किया। उनके साथ सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया था। ये सभी राष्ट्रीय ध्वज लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे।
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दीपके ने कहा कि वह जहां भी जाएंगे, तिरंगा लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा, इस तिरंगे को उठाने के लिए मुझे जेल भेजा गया। मेरे दो भाई सौरव और आशु को भी इसे उठाने के लिए जेल भेजा गया। भारत में आखिरी बार ऐसा तब हुआ था, जब हम अंग्रेजों के शासन में थे। 

मोदी सरकार की तुलना अंग्रेजों के शासन से क्यों की?
दीपके ने मोदी सरकार की तुलना अंग्रेजों के शासन से की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोगों की आजादी सीमित करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, मैं नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि मैं इस तिरंगे को हर जगह और देश के हर हिस्से में लेकर जाऊंगा। अगर आप मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल या तमिलनाडु में गिरफ्तार कर सकते हैं। मुझे देश के हर हिस्से से गिरफ्तार कर लीजिए, लेकिन मैं फिर वापस आऊंगा और इस तिरंगे को उठाऊंगा।

क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धीरे-धीरे यह नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है कि लोग क्या खाएं, किससे शादी करें और किसे वोट दें।

उन्होंने कहा, पहले वे यह नियंत्रित करना चाहते थे कि आप क्या खाते हैं। फिर यह कि आप किससे शादी कर सकते हैं और किससे प्यार कर सकते हैं। अब वे इस स्थिति में पहुंच गए हैं कि वे यह नियंत्रित करना चाहते हैं कि आप किसे वोट दें। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दीपके ने कहा, वे कहते हैं कि भारत को अस्थिर करने के लिए बाहरी ताकतें सीजेपी को नियंत्रित कर रही हैं। मैं मोदी से पूछना चाहता हूं कि ट्रंप के सामने किसने आत्मसमर्पण किया? ट्रंप के कहने पर रूसी तेल खरीदना बंद करने के लिए कौन सहमत हुआ? किसने ऐसा समझौता स्वीकार किया, जिसमें भारत पर 18% टैरिफ लगाया जाएगा, जबकि भारत बदले में 0% टैरिफ लगाएगा?

उन्होंने आगे कहा, इस देश को आपने बेचा है, हमने नहीं। आपने देश को ट्रंप के हाथों बेच दिया, हमने ऐसा नहीं किया। और जिस व्यक्ति के हाथों आपने देश को बेचा है, आज वह खुद मुश्किल में फंस गया है। 

अंबेडकर, गांधी और नेहरू को लेकर क्या बोले दीपके?
दीपके ने कहा कि देश की नींव तीन नेताओं के विचारों पर रखी गई थी। इनमें डॉ. बीआर अंबेडकर, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू शामिल हैं। उन्होंने कहा, महात्मा गांधी भारत की आत्मा हैं, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर भारत की रीढ़ हैं और पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत का दिमाग हैं। नरेंद्र मोदी की औकात नहीं है कि वह इनसे बड़े बन सकें। वह 12 साल से सत्ता में हैं। अगर वह 120 साल तक भी सत्ता में रहें, तब भी अंबेडकर, गांधी या नेहरू से बड़े नहीं बन सकते। यह बिल्कुल असंभव है। वह सिर्फ सपना देख रहे हैं। 

उन्होंने आगे कहा, वह देश के लिए वह सब कभी नहीं कर सकते, जो इन महान नेताओं ने किया। इसकी वजह वह संगठन है, जिससे वह आते हैं। जब ये महान नेता देश की आजादी के लिए लड़ रहे थे, तब आप अंग्रेजों के जूते चमकाने में व्यस्त थे। आप उस समय भी भारत पर शासन करने वालों के नौकर थे। 

प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
इससे पहले अभिजीत दीपके ने बताया कि वह स्थानीय आयोजकों और अभिनेता व सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज के बुलावे पर कोच्चि आए हैं।

एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद उन्होंने मीडिया से बात की। उन्होंने इसे 'जनता का विरोध प्रदर्शन' बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी की लड़ाई जारी रहेगी। यह लड़ाई तब तक चलेगी, जब तक भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था नहीं बन जाती।

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दीपके ने कहा, यह जनता का विरोध प्रदर्शन है। मैं यहां आयोजकों और प्रकाश राज के बुलावे पर आया हूं। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक हमें भारत में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था नहीं मिल जाती। 

एसआईआर में कितने मतदाताओं के नाम कटने का दावा?
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर दीपके ने चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया पूरे देश में चल रही है।

उन्होंने कहा, 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। जब आप 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटा देते हैं, तो हम कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि ये चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जा रहे हैं? यह संख्या कुल पंजीकृत मतदाताओं का 13 से 14 प्रतिशत है। पूरे देश में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। ऐसा एक भी राज्य नहीं है, जहां मतदाताओं के नाम नहीं हटाए जा रहे हों।

'सीजेपी के केरल से सबसे ज्यादा पंजीकृत सदस्य'
दीपके ने भरोसा जताया था कि केरल के बड़ी संख्या में युवा इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के डेटाबेस के मुताबिक, सीजेपी के सबसे ज्यादा पंजीकृत सदस्य केरल से हैं। 

उन्होंने कहा था, मुझे पूरा भरोसा है कि केरल की युवा आबादी और यहां के युवा आज बड़ी संख्या में आएंगे। सीजेपी के डेटाबेस के मुताबिक, मैं आपको निश्चित रूप से बता सकता हूं कि पार्टी के सबसे ज्यादा पंजीकृत सदस्य केरल से हैं। 

कहां और कब हो रहा प्रदर्शन?
पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिये प्रदर्शन की जानकारी दी। इसके मुताबिक, 'जंतर-मंतर एट कोच्चि' नाम से यह प्रदर्शन राजेंद्र मैदान में हो रहा। इसका समय शाम चार बजे तय किया गया था। सीजेपी ने लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की थी। सीजेपी की मीडिया और दक्षिण क्षेत्र प्रमुख विजय मल्लांगी भी इसमें शामिल हुई हैं। पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज भी प्रदर्शन में हिस्सा ले रही हैं।  
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इससे पहले 13 अक्तूबर को सीजेपी के नेताओं को दिल्ली में हिरासत में लिया गया था। ये नेता ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके समेत सीजेपी के कई नेताओं को हिरासत में लिया था। इनमें आशुतोष रांका और सौरव दास भी शामिल थे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि ये नेता बिना अनुमति जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे।

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