पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा की टिप्पणी से सऊदी अरब के प्रिंस फैसल बिन फरहान अल-सऊद खासा नाराज थे। सऊदी के विदेश मंत्रालय ने भारतीय राजदूत को तलब कर शिकायत भी दर्ज कराई थी। इतना ही नहीं कुवैत, बहरीन, कतर, ओमान और ईरान जैसे देशों में भी भारतीय राजदूतों के समक्ष उनके बयान पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इस्लामिक देशों की नाराजगी के बाद ही भाजपा ने नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
खाड़ी देशों ने भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की दी थी धमकी
दो सप्ताह पूर्व जब भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने एक टीवी शो में पैगंबर मोहम्मद के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की तो इसका असर सीमा पर खाड़ी और अरब देशों में देखा गया। ओमान के मुख्य मुफ्ती अहमद अल खलीली ने मुस्लिम देशों के साथ पूरी दुनिया के मुसलमानों से इसका प्रतिकार करने के लिए उठ खड़ा होने की अपील की। खाड़ी देशों में इस टिप्पणी के खिलाफ भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की अपील की गई। इसी बीच गेहूं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मची मारा मारी के बीच जब तुर्की के बाद मिस्र ने भारतीय गेहूं को दूसरा कारण गिनाते हुए स्वीकार करने से मना कर लिया तब सरकार हरकत में आई।
भविष्य के लिए खींची लकीर
दो नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर भाजपा नेतृत्व ने भविष्य के लिए एक लकीर खींच दी है। कार्रवाई का संदेश साफ है। नेताओं को दूसरे धर्म के खिलाफ टिप्पणी करने से परहेज बतरना होगा। ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करनी होगी, जिससे दूसरे धर्म की आस्था, सम्मान और विश्वास को ठेस पहुंचता हो।