जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग करने के अपने फैसले पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शनिवार को कहा, पीडीपी अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला सरकार बनाने को गंभीर होते तो वे मुझसे मिल सकते थे।
एक निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए राज्यपाल ने कहा कि मुफ्ती और उमर मुझे फोन या फिर पत्र लिख सकते थे। मैं फोन पर हमेशा उपलब्ध रहता हूं। हालांकि जब मुझे व्हाट्सएप से मैसेज मिलता, तब मैं उसे हल करने का प्रयास करता।
उन्होंने कहा कि जम्मू और श्रीनगर के बीच कई फ्लाइटें हैं। सत्यपाल मलिक ने कहा कि एक सप्ताह पहले मुफ्ती ने कहा था कि उनकी पार्टी के विधायकों को धमकी दी जा रही है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा बुधवार को भंग कर दी गई। इससे पहले पीडीपी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा किया था। इसके अलावा पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने भी भाजपा के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया था।