पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे बड़े उपग्रहों के समूहों ने खगोलविदों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इन्होंने रात के समय आकाश में तारों का अवलोकन करने की उनकी क्षमता को बाधित कर दिया है। नेचर पत्रिका में प्रकाशित खगोल विज्ञान संबंधी एक शोध में प्रोटोटाइप ब्लूवॉकर 3 उपग्रह के प्रभाव का विवरण दिया गया है।
वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने यह अध्ययन किया है। अध्ययन के अनुसार, ब्लूवॉकर 3 एक प्रोटोटाइप उपग्रह है, जो इसका स्वामित्व रखने वाली कंपनी एएसटी स्पेस मोबाइल की ओर से नियोजित उपग्रह समूह का हिस्सा है।
इसका उद्देश्य दुनिया में कहीं भी मोबाइल या ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करना है। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि ब्लूवॉकर 3 के अवलोकन से पता चला है कि यह रात के आकाश में सबसे चमकदार वस्तुओं में से एक है, जिसकी चमक ने सभी चमकदार तारों की चमक को फीका कर दिया।
रात का आकाश अनोखी प्रयोगशाला
ब्लूवॉकर 3 कैनिस माइनर से भी ज्यादा चमकदार है। कैनिस माइनर, उत्तरी आकाशीय गोलार्ध में एक छोटा तारामंडल है। दुनियाभर में कई कंपनियों ने ऐसे उपग्रह तारामंडल की परिकल्पना की है।
पृथ्वी के करीब इनकी स्थिति और अपेक्षाकृत बड़े आकार के कारण रात के समय आकाश के अवलोकन को बाधित करने की इनकी क्षमता अधिक है तथा यही कारण है कि खगोलविद इन नक्षत्रों या उपग्रहों के समूहों के बारे में चिंता जता रहे हैं।
इंपीरियल कॉलेज में भौतिकी विभाग के डेव क्लेमेंट्स ने कहा, रात का आकाश एक अनोखी प्रयोगशाला है जो वैज्ञानिकों को ऐसे प्रयोग करने की अनुमति देता है जो स्थलीय प्रयोगशालाओं में नहीं किए जा सकते।
वैज्ञानिक प्रगति रुकना गंभीर
खगोलविदों ने कहा कि उपग्रह तारामंडल दुनियाभर में संचार में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन खगोलीय अवलोकनों में इनका हस्तक्षेप ब्रह्मांड की समझ में वैज्ञानिकों की प्रगति को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है।
उन्होंने अपने शोधपत्र में कहा कि इसलिए इन उपग्रह तारामंडल की तैनाती इनके दुष्प्रभावों पर उचित विचार करते हुए और खगोल विज्ञान पर इनके प्रभाव को कम करने के प्रयासों के साथ की जानी चाहिए।