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Manipur: मणिपुर में स्टारलिंक जैसा उपकरण बरामद? जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां; मस्क ने दावों का किया खंडन

Wed, 18 Dec 2024 09:49 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, इंफाल

सार

सुरक्षा बलों ने मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले से स्नाइपर राइफल, पिस्तौल, ग्रेनेड और अन्य हथियारों के साथ एक स्टारलिंक जैसा इंटरनेट उपकरण बरामद किया था। बरामदगी 13 दिसंबर को एक तलाशी अभियान के दौरान की गई थी।
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जब्त हथियार और उपकरण - फोटो : X/@Spearcorps
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विस्तार
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मणिपुर में स्टारलिंक जैसे उपकरण की बरामदगी को लेकर स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि भारत के ऊपर स्टारलिंक सैटेलाइट बीम बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने उन सभी दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके डिवाइस का इस्तेमाल अशांत मणिपुर में किया जा रहा है। 

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दरअसल, सुरक्षा बलों ने हाल ही में इंफाल पूर्वी जिले के केराओ खुनौ में छापेमारी के दौरान हथियारों और गोला-बारूद के साथ कुछ इंटरनेट डिवाइस जब्त किए थे। भारतीय सेना के स्पीयर कोर ने एक्स पर जब्त की गई वस्तुओं की तस्वीरें साझा की थीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने दाव किया कि उनमें से एक डिवाइस पर स्टारलिंक का लोगो था।

'एक्स' पर यूजर्स ने मस्क को घेरा
एक एक्स यूजर ने कहा कि स्टारलिंक का इस्तेमाल आतंकवादियों की ओर से किया जा रहा है। आशा है कि एलन मस्क इस पर गौर करेंगे और इस तकनीक के दुरुपयोग को नियंत्रित करने में मदद करेंगे। इस पर मस्क ने जवाब दिया, 'यह गलत है। भारत के ऊपर स्टारलिंक सैटेलाइट बीम बंद कर दिए गए हैं।' बता दें कि सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने वाली मस्क की स्टारलिंक के पास भारत में परिचालन का लाइसेंस नहीं है।
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उपकरण संघर्षग्रस्त राज्य में कैसे पहुंचा?
राज्य पुलिस के मुताबिक, केराओ खुनौ से जब्त की गई वस्तुओं में एक इंटरनेट सैटेलाइट एंटीना, एक इंटरनेट सैटेलाइट राउटर और 20 मीटर (लगभग) FTP केबल शामिल हैं। स्टारलिंक जैसे उपकरण की बरामदगी के बाद अब एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि उपकरण संघर्षग्रस्त राज्य में कैसे पहुंचा? पिछले साल मई से मणिपुर में मैतेईस और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

क्या है मामला?
दरअसल, सुरक्षा बलों ने मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले से स्नाइपर राइफल, पिस्तौल, ग्रेनेड और अन्य हथियारों के साथ एक स्टारलिंक जैसा इंटरनेट उपकरण बरामद किया था। बरामदगी 13 दिसंबर को एक तलाशी अभियान के दौरान की गई थी। मामले से परिचित लोगों ने बताया कि स्टारलिंक जैसे उपकरण की बरामदगी संबंधित एजेंसियों के लिए जांच का विषय है कि यह उपकरण संघर्षग्रस्त राज्य तक कैसे पहुंचा। स्टारलिंक के पास भारत में काम करने का लाइसेंस नहीं है। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि बरामद उपकरण असली स्टारलिंक डिवाइस है या नहीं। 

मणिपुर पुलिस ने क्या कहा?
एक्स पर एख पोस्ट में मणिपुर पुलिस ने कहा कि  तलाशी अभियान के दौरान इंफाल पूर्व जिले के केइराव खुनौ से बरामद किए सामानों में एक एमए4 असॉल्ट राइफल, एक 12-बोर बंदूक, एक 9एमएम पिस्तौल, एक .32 पिस्तौल, पांच हथगोले, पांच आर्मिंग रिंग, दो डेटोनेटर, 30 5.56एमएम गोला बारूद, एक इंटरनेट सैटेलाइट एंटीना और एक इंटरनेट सैटेलाइट राउटर भी शामिल है।

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