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Satara Doctor Case: मृतक डॉक्टर के फिंगरप्रिंट से फोन खोलकर मिटाया डाटा, परिजनों का बड़ा आरोप

Tue, 28 Oct 2025 06:48 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Satara Women Doctor Case: सातारा जिले में पिछले हफ्ते कथित तौर पर आत्महत्या करने वाली महिला डॉक्टर के परिजनों ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौत के बाद उसके फोन को अनलॉक करने के लिए उसके फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल किया और उससे अहम जानकारी मिटा दी।
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सातारा महिला डॉक्टर सुसाइड केस में परिजनों का बड़ा आरोप - फोटो : एक्स/ @abhinabavlogs
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विस्तार
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महाराष्ट्र के सातारा में सरकारी महिला डॉक्टर की आत्महत्या मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच महिला डॉक्टर के सुसाइड को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे भी सामने आए हैं। इस बीच अब परिजनों ने बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मृतका के फोन को किसी ने उसके फिंगरप्रिंट से खोलकर अहम डाटा मिटा दिया है।  परिजनों ने दावा किया है कि किसी ने उसकी मौत के बाद उसके फोन को अनलॉक करने के लिए उसके फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल किया और उससे महत्वपूर्ण जानकारी मिटा दी।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि मृतक डॉक्टर के व्हाट्सएप अकाउंट पर 'लास्ट सीन' स्टेटस में उसकी मौत के बाद भी सोशल मैसेजिंग ऐप पर गतिविधि दिखाई दे रही थी, जिससे संदेह पैदा होता है कि किसी और ने इसका इस्तेमाल किया होगा।

23 अक्तूबर की रात होटल के कमरे में लगाई फांसी
बीड जिले की रहने वाली और सतारा के एक सरकारी अस्पताल में तैनात 28 वर्षीय डॉक्टर ने 23 अक्तूबर की रात को फलटण कस्बे के एक होटल के कमरे में फंदे से लटकी हुई पाई गईं। सराकरी डॉक्टर ने अपनी हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने ने कई बार उनके साथ दुष्कर्म किया, जबकि सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बनकर ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
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डॉक्टर की खुदकुशी के बाद सब-इंस्पेक्टर और इंजीनियर दोनों आरोपियों को 25 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। इस बीच सोमवार रात पत्रकारों से बात करते हुए पीड़िता के चाचा ने दावा किया कि महिला डॉक्टर की मौत के बाद उनके फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करके उनके मोबाइल फोन को एक्सेस किया गया और महत्वपूर्ण डाटा डिलीट कर दिया गया।

हथेली पर लिखा सुसाइड नोट, अब परिजनों का बड़ा दावा
उन्होंने कहा, "हमें डॉक्टर की फांसी से मौत की सूचना मिली थी, लेकिन जब तक हम घटनास्थल (होटल के कमरे) पर पहुंचे, तब तक उनका शव अस्पताल ले जाया जा चुका था। बाद में हमें पता चला कि उनके हाथ पर एक सुसाइड नोट लिखा था।" उन्होंने आगे कहा, "हमें संदेह है कि उनकी मौत के बाद उनके मोबाइल फोन के साथ छेड़छाड़ की गई थी। हमारे घटनास्थल पर पहुंचने से पहले, किसी ने उनके फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करके फोन अनलॉक कर दिया था और घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिटा दी थी। उनके व्हाट्सएप 'लास्ट सीन' स्टेटस में उनकी मौत के बाद की गतिविधि दिखाई दे रही है, जिससे यह संदेह और बढ़ जाता है कि उनकी मौत के बाद फोन किसी और ने चलाया होगा।"

इसी के साथ परिवार ने यह भी मांग की है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले की सुनवाई बीड जिला अदालत में की जाए। महिला डॉक्टर के परिवार के साथ तालमेल कर रहे राज्य सरकार के प्रतिनिधि डॉ. ओमप्रकाश शेटे ने सोमवार शाम उनके पैतृक निवास का दौरा किया और परिजनों को आश्वासन दिया कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मामले की जानकारी दी जाएगी।

एसआईटी से जांच कराने की मांग
उनके परिवार ने उन्हें मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा। वहीं वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) प्रमुख प्रकाश अंबेडकर और कांग्रेस नेता विजय वड्डेटीवार ने भी पीड़िता के परिवार के सदस्यों से फोन पर बात की और न्याय मिलने तक उनके समर्थन का आश्वासन दिया। बीड के वडवानी के निवासियों ने मंगलवार को बंद का आह्वान किया और क्षेत्र की एक महिला डॉक्टर की कथित आत्महत्या की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की है।
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