तमिलनाडु में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। शशिकला के खिलाफ बगावत करने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने मंगलवार की रात अपने समर्थकों के साथ बैठक की। वहीं अन्नाद्रमुक प्रमुख शशिकला और डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने भी रात में ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ ताबड़तोड़ बैठकें कीं।
दरअसल स्टालिन के साथ पन्नीरसेल्वम का बहुत अच्छा संबंध है और इसलिए इस बात की अटकलें लगाई जा रही है कि डीएमके पन्नीरसेल्वम को अपना समर्थन दे सकती है। विधानसभा में डीएमके के 89 विधायक हैं। पन्नीरसेल्वम की बगावत से शशिकला स्तब्ध हैं और उनके मुख्यमंत्री बनने में अनिश्चतता पैदा हो गई है।
अब तक माना जा रहा था कि पार्टी पर उनका पूरा नियंत्रण था, लेकिन बदले घटनाक्रम में उनके अपने खेमे में ही समर्थन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक संभावना ऐसी भी जताई जा रही है कि अन्नाद्रमुक दो हिस्से में बंट जाएगी और उस स्थिति में राज्यपाल विद्यासागर राव की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी।
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में पन्नीरसेल्वम सहित अन्नाद्रमुक के 134 विधायक हैं। जबकि द्रमुक के 89 विधायक, कांग्रेस के 8 और दो अन्य के विधायक हैं। वहीं जयललिता के निधन के कारण एक सीट खाली है