बीड में सरपंच की हत्या के मामले में मुंबई के पास कल्याण से पुलिस ने सिद्धार्थ सोनावणे नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। वहीं इस मामले में पुलिस पुणे में दो अपराधियों का पता लगाने के लिए नांदेड़ के डॉक्टर पर भी नजर रखी थी। फिलहाल सभी तीन आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
महाराष्ट्र की बीड जिले में सरंपच संतोष देशमुख के हत्या के मामले में नांदेड़ जिले से पकड़ा गया एक 'डॉक्टर' पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ, जिसने पुलिस को बीड के सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड में वांछित दो आरोपियों तक पहुंचाया।
विज्ञापन
संतोष देशमुख की हत्या के चार हफ्ते बाद गिरफ्तारी
बीड पुलिस की एक टीम ने सुदर्शन चंद्रभान घुले और सुधीर सांगले को पुणे से गिरफ्तार किया, यह घटना मासाजोग के सरपंच संतोष देशमुख के अपहरण और हत्या के चार हफ्ते बाद हुई। फिलहाल इस अपराध के पीछे का सटीक मकसद पता लगाया जा रहा है। मामले में बीड पुलिस के सूत्रों ने बताया, 'जांच के दौरान सुदर्शन घुले के साथ उनके कथित संबंधों के सामने आने के बाद पुलिस ने डॉ. संभाजी वैभासे की गतिविधियों पर नजर रखी।' नाम न बताने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि डॉ. संभाजी वैभासे को पूछताछ के लिए नांदेड़ से लाया गया, जिससे पुलिस आरोपी सुदर्शन घुले और सुधीर सांगले तक पहुंच गई।
पुलिस ने नामजद सात में छह लोगों को किया गिरफ्तार
फिलहाल, पूछताछ के बाद पुलिस ने डॉ. संभाजी वैभासे को हत्या के मामले की जांच कर रही सीआईडी को सौंप दिया। पुलिस को संदेह है कि डॉ. संभाजी वैभसे ने हत्या के बाद सुदर्शन घुले को भागने में मदद की। अधिकारी ने कहा, 'हम यह नहीं बता सकते कि हम डॉ. संभाजी वैभसे पर कब से नजर रख रहे थे।' पुलिस ने अब तक हत्या के मामले में नामजद सात लोगों में से छह को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
9 दिसंबर को अपहरण के बाद की गई थी हत्या
मासाजोग के सरपंच संतोष देशमुख को 9 दिसंबर को अपहरण कर प्रताड़ित किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई, क्योंकि वे बीड जिले में एक पवनचक्की परियोजना का संचालन करने वाली एक ऊर्जा कंपनी पर जबरन वसूली की कोशिश को रोकने की कोशिश कर रहे थे। मामले में महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को हत्या के सिलसिले में जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया है।