Beed Murder Case: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने पत्रकारों की तरफ से मंत्री धनंजय मुंडे के इस्तीफे का सवाल पूछे जाने पर कहा है कि, ये सवाल उनसे (धनंजय मुडे) ही किया जाना चाहिए। मंत्री धनंजय मुंडे बीड सरपंच संतोष देशमुख के हत्याकांड के मामले में सवालों के घेरे में हैं।
महाराष्ट्र के बीड जिले में सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड का मामला थमता नहीं दिख रहा है। इस मामले में राज्य सरकार के मंत्री धनंजय मुडे सवालों के घेरे में हैं। वहीं इसे लेकर पत्रकारों की तरफ से किए गए सवाल पर डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, उनके इस्तीफे को लेकर सवाल उन्हीं से पूछे जाने चाहिए। बता दें कि, मंत्री धनंजय मुंडे विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं की आलोचना का सामना कर रहे हैं, क्योंकि धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड को 9 दिसंबर को बीड के सरपंच संतोष देशमुख की नृशंस हत्या से जुड़े जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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'मैंने 2010 में आरोप लगने के बाद दिया था इस्तीफा'
रविवार को नासिक में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, 'मुंडे का दावा है कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, मैंने 2010 में राज्य के जल संसाधन मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था, जब मेरे खिलाफ आरोप लगाए गए थे। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने एक रेल दुर्घटना के बाद इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, कई लोगों ने ऐसी ही परिस्थितियों में इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।'
सरपंच देशमुख की हत्या बेहद निंदनीय- अजित पवार
डिप्टी सीएम अजित पवार ने पत्रकारों से कहा, 'आपको मुंडे से पूछना चाहिए कि क्या वह नैतिक जिम्मेदारी का हवाला देते हुए इस्तीफा देंगे।' अजित पवार ने आगे कहा कि सरपंच देशमुख की हत्या बेहद निंदनीय है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच में शामिल कई एजेंसियां सच्चाई सामने लाएंगी और किसी को नहीं बख्शेंगी। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें धनंजय मुंडे और भाजपा विधायक सुरेश धास के बीच हाल में हुई बैठक के बारे में जानकारी नहीं है। बता दें कि, सुरेश धास बीड हत्याकांड को लेकर मंत्री धनंजय मुंडे का इस्तीफा मांग रहे हैं और उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं।