सोलर पैनल घोटाले से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में अदालत ने सरिता एस नायर को दोषी ठहराते हुए छह साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। केरल में कांग्रेस के नेत़ृत्व वाली पिछली यूडीएफ सरकार के दौरान यह घोटाला हुआ था। सरिता इस चर्चित घोटाले में दूसरी आरोपी हैं।
इस मामले में अदालत ने तीसरे आरीपी मनीमोन को बरी कर दिया है। वहीं पहले आरोपी बीजू राधाकृष्ण के कोरोना संक्रमित होने की वजह से क्वारंटीन अवकाश के आवेदन पर अदालत ने उस पर फैसला रोक दिया है।
मामले में प्रथम श्रेणी की न्यायिक मजिस्ट्रेट (तृतीय) के निम्मी की अदालत नेे सरिता को धोखाधड़ी सहित चार विभिन्न अपराधों में कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर प्रत्येक अपराध के लिए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट की ओर से जारी वारंट पर कार्रवाई करते हुए जांच अधिकारी ने पिछले सप्ताह सरिता को तिरुवनंतपुरम में उनके निवास से गिरफ्तार किया गया था। कोझिकोड लाए जाने के बाद अदालत ने उसे रिमांड पर भेज दिया था। सरिता के खिलाफ अदालत में पेश नहीं होने के कारण वारंट जारी किया गया था।
कोझिकोड के मूल निवासी अब्दुल मजीद की ओर से मामले में वर्ष 2012 में पुलिस से शिकायत की गई थी। शिकायत के अनुसार, दोनों आरोपियों सरिता नायर और बीजू राधाकृष्णन ने उनके कार्यालय और घर में सोलर पैनल स्थापित करने के अलावा उनकी कंपनी में फ्रेंचाइजी देने के लिए उससे 42.70 लाख रुपये लिए थे। उसने कहा कि इसके बावजूद न तो अनुबंध को पूरा किया गया और न ही धन वापस किया गया।