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Sanjeev Jeeva Murder: मुख्तार का ऐसे खत्म हो रहा माफिया राज! एक-एक कर निपटाए अंसारी के सभी शार्प शूटर

आशीष तिवारी
Updated Thu, 08 Jun 2023 02:04 PM IST

सार

Sanjeev Jeeva Murder: मुख्तार अंसारी के जेल में रहने के साथ ही बाराबंकी जेल में बंद रहे जीवा ने उसके इशारे पर ना सिर्फ हत्याएं की, बल्कि धन उगाही और जरायम की दुनिया के वह सभी अपराध करता रहा। उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और क्राइम रिपोर्टर रहे मनीष मिश्रा कहते हैं कि जीवा मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर हुआ करता था। उसकी हत्या के साथ अब माना जा रहा है कि मुख्तार अंसारी का गिरोह पूरी तरीके से खत्म हो चुका है...
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Sanjeev Jeeva Murder - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht


पाकिस्तान से असलहे मंगवाता था मुख्तार अंसारी

मुख्तार अंसारी के शार्प शूटरों की हत्या का सिलसिला अजीत सिंह की मौत के साथ ही नहीं थमा। मई 2021 में उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से मुख्तार अंसारी के लिए फसलों का बंदोबस्त करने वाले उसके शूटर मेराज की चित्रकूट जेल में हत्या कर दी गई। यूपी एसटीएफ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मेराज सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों से विदेशों से आए हथियारों की सप्लाई में शामिल था। मुख्तार गैंग के पास जितने भी विदेशी असलहे होते थे, उसे जुटाने का काम मेराज ही किया करता था। विदेशों से असलहों को जुटाने के बड़े नेटवर्क का पता तब चला था, जब मेराज को लालगंज में मेड इन पाकिस्तान की पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था। मई 2021 में मेराज की हत्या के बाद अक्तूबर 2021 में ही एसटीएफ ने मुठभेड़ में मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर रहे अली शेर को मार गिराया। इस मुठभेड़ में पूर्वांचल से लेकर पश्चिम तक में अपने नेटवर्क को मजबूत करने वाले एक और शार्प शूटर कामरान उर्फ बन्ने को भी मारा गया था।

कमजोर हो चुका है मुख्तार अंसारी का गैंग

उत्तर प्रदेश के एक रिटायर्ड वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कहते हैं कि मुख्तार अंसारी अपने गुर्गों की हत्या का जब बदला नहीं ले पा रहा था, तो उसके प्रतिद्वंदी इस बात को भलीभांति समझ गए थे कि मुख्तार अंसारी अंदर ही अंदर कमजोर होता जा रहा है। नतीजतन उसके एक एक शार्प शूटर को ठिकाने पर लगाया जाने लगा। वह कहते हैं कि कृष्णानंद राय की हत्या में शामिल रहे मुख्तार अंसारी के सभी प्रमुख शूटरों को किसी न किसी तरीके से ठिकाने लगाया ही गया। इसमें कुछ तो पुलिस की मुठभेड़ में मारे गए, जबकि कुछ को आपसी गैंगवार में खत्म कर दिया गया। वह कहते हैं कि भाजपा विधायक कृष्णानंद राय और उत्तर प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री रहे ब्रह्मदत्त द्विवेदी के हत्याकांड में शामिल संजीव महेश्वरी और जीवा की हत्या के साथ मुख्तार अंसारी के सभी बड़े दाहिने हाथ और बड़े शार्प शूटर खत्म हो चुके हैं।

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