वर्षा राउत हाल ही में तब चर्चा में आईं, जब उन्होंने पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक घोटाला मामले के संबंध में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने से मना कर दिया और पांच जनवरी तक का समय मांगा था। ईडी ने तीसरी बार समन भेजकर वर्षा राउत को पेश होने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, ईडी ने वर्षा राउत को 11 दिसंबर और 22 दिसंबर को एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए दो बार समन जारी किए थे, लेकिन वर्षा ने तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए एजेंसी के सामने पेश होने से मना कर दिया था। इस मामले पर संजय राउत भी सोशल मीडिया पर भड़के थे और केंद्र सरकार पर परेशान करने का आरोप लगाया था।
ईडी के समन को लेकर संजय राउत ने कहा, ''घर की महिलाओं को निशाना बनाना कायरता का काम है। हम किसी से नहीं डरते हैं और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देंगे। ईडी को कुछ कागजात की आवश्यकता थी और हमने उन्हें समय पर जमा कर दिया है।''
ईडी समन मामला
वर्षा राउत ने प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी प्रवीण राउत से 55 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसका इस्तेमाल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया था। ईडी ने वर्षा को माधुरी राउत से लिए गए 55 लाख रुपये के लोन के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया है। सिद्धांत सिस्कोन प्राइवेट लिमिटेड में माधुरी प्रवीण राउत भी पार्टनर हैं।बता दें कि प्रवीण राउत, गुरुआशीष कंस्ट्रक्शंस नाम की एक कंपनी के निदेशक हैं, जो हाउसिंग डेवलपमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) की एक सहायक कंपनी है। प्रवीन राउत के गुरुआशीष कंस्ट्रक्शंस कंपनी के डायरेक्टर रहने के दौरान ही सारंग और राकेश वाधवन एचडीआईएल के प्रमोटर थे। राकेश वाधवन और सारंग दोनों ही 6500 करोड़ रुपये के पीएमसी बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। इस केस की जांच ईडी कर रही है। इसी मामले में संजय राउत की पत्नी की भूमिका होने के चलते ईडी ने वर्षा राउत को समन भेजे हैं।