महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) के नेता सुधीन धावलिकर का कहना है कि वह शिवसेना के उस प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक हैं जिसमें गोवा में गैर भाजपा फोरम बनाने की बात कही गई है। शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार सुबह कहा था कि गोवा में एक नया गठबंधन बन रहा है और महाराष्ट्र जैसा चमत्कार वहां भी हो सकता है। हालांकि उनके इस सपने को कांग्रेस ने झटका दिया है और कहा है कि वह विपक्ष में बैठना पसंद करेगी।
बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई है। गोवा में विपक्षी दलों के गठबंधन का विचार पेश करने के कुछ घंटे बाद ही राज्य कांग्रेस ने भाजपा सरकार को गिराने के लिए किसी भी गठबंधन में शामिल होने से मना कर दिया है।
एमजीपी नेता धावलिकर ने कहा, 'कांग्रेस, एमजीपी, गोवा फॉरवर्ड पार्टी, शिवसेना और एनसीपी गोवा में एक गठबंधन बना सकते हैं जो 2022 में मिलकर चुनाव लड़ेंगे। वर्तमान में इस तरह के गठबंधन से भाजपा सरकार को कोई खतरा नहीं है क्योंकि विपक्ष के पास संख्याबल मौजूद नहीं है। नई सरकार तब तक नहीं बन सकती जब तक की स्पीकर उन विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराते जो भाजपा में शामिल हुए हैं।'
संजय राउत ने मुंबई में कहा था, 'गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष और गोवा के पूर्व उप-मुख्यमंत्री विजय सरदेसाई तीन विधायकों सहित शिवसेना के साथ गठबंधन कर रहे हैं। गोवा में एक नया राजनीतिक फ्रंट आकार ले रहा है जैसा कि महाराष्ट्र में हुआ। जल्द ही गोवा में भी आपको एक चमत्कार दिखाई देगा।'
शिवसेना नेता ने आगे कहा, 'यह पूरे देश में होगा। महाराष्ट्र के बाद अब गोवा की बारी है। इसके बाद हम अन्य राज्यों में जाएंगे। हम इस देश में एक गैर-भाजपा राजनीतिक मोर्चा बनाना चाहते हैं।' धावलिकर ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी।
हालांकि गोवा कांग्रेस ने राज्य में भाजपा सरकार को झटका देने से मना कर दिया है। गोवा कांग्रेस के अध्यक्ष गिरीश चोडांकर का कहना है कि उनकी पार्टी सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की बजाए विपक्ष में बैठना पसंद करेगी। चोडांकर ने कहा, 'मैं गोवा में भाजपा सरकार को गिरता देखकर खुश होउंगा। लेकिन ऐसी कोई संभावना नहीं है क्योंकि भाजपा के पास 30 विधायकों का समर्थन है। मैं सरकार गिराने की बजाए विपक्ष में बैठना ज्यादा पसंद करुंगा।' बता दें कि गोवा में 40 विधानसभा सीट हैं।