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Maharashtra: संजय राउत बोले- महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के लिए इंडिया या एमवीए जैसे गठबंधन की जरूरत नहीं

Thu, 10 Jul 2025 02:49 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

 संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय और नगर निकाय चुनावों के लिए इंडिया गठबंधन या महा विकास अघाड़ी जैसे किसी गठबंधन की कोई आवश्यकता नहीं है।
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संजय राउत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय और नगर निकाय चुनावों के लिए इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) या महा विकास आघाडी (एमवीए) जैसे गठजोड़ की आवश्यकता नहीं है। संवाददाताओं से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि एमवीए का महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों और इंडिया गठबंधन का लोकसभा चुनावों के लिए गठन किया गया था। निकाय चुनावों के लिए ऐसे गठबंधनों की कोई आवश्यकता नहीं है।
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राउत ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के मिलकर चुनाव लड़ने को लेकर मुंबई और अन्य शहरों में जनता के रुख को को लेकर कहा कि लोगों की ओर से दबाव है कि शिवसेना (उबाठा) और मनसे को मुंबई एवं राज्य के अन्य शहरों में निकाय चुनाव मिलकर लड़ना चाहिए। चूंकि चुनावों की घोषणा अभी बाकी है, इसलिए हम उचित समय पर निर्णय लेंगे।  बता दें कि बीएमसी समेत महाराष्ट्र नगर निकायों के चुनाव इस साल के अंत में होने की संभावना है। बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना का लगभग दो दशकों तक बीएमसी पर नियंत्रण रहा। शिवसेना 2022 में विभाजित हो गई थी। 

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संजय राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य मंत्री उदय सामंत ने कहा, गठबंधन बनने के बाद एक पार्टी केवल अपने एजेंडे को पूरा करने की कोशिश करेगी। राज ठाकरे ने मराठी समुदाय की चिंताओं के बारे में बात की, जबकि दूसरे (उद्धव) ने केवल राजनीति के बारे में बात की। आपको बताते चलें कि राज ने कुछ दिन पहले मुंबई में उद्धव के साथ ‘आवाज मराठीचा’ नामक एक विजय समारोह में मंच साझा किया था। इसका आयोजन महाराष्ट्र के विद्यालयों में पहली कक्षा से हिंदी को तीसरी के रूप में शामिल करने संबंधी सरकार के दो सरकारी प्रस्तावों को वापस लिए जाने के उपलक्ष्य में किया गया था।
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इस बीच सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के नेताओं ने संकेत दिया है कि वे राज्य के अधिकांश नगर निकाय चुनावों में मिलकर लड़ सकते हैं, हालांकि कुछ स्थानीय निकायों में सहयोगियों के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबले भी संभव हैं।
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