शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने रविवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल दलों को आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता दर्शाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न देशों में भेजे जा रहे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का बहिष्कार करना चाहिए था। यह कदम "ऑपरेशन सिंदूर" की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। राउत ने आरोप लगाया कि यह प्रतिनिधिमंडल सरकार द्वारा किए गए "पापों और अपराधों" का बचाव करेगा।
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विशेष सत्र बुलाने की मांग
राउत ने कहा, इस तरह के प्रतिनिधिमंडल को जल्दबाजी में भेजने की कोई आवश्यकता नहीं थी। विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले पर संसद का एक विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। सरकार चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ऐसा कौन सा समझौता किया है जिसके तहत भारत जमीन, हवा और समुद्र पर सभी तरह की गोलाबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए सहमत हुआ है।
ट्रंप ने दावा किया था कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच "परमाणु संघर्ष" को रोका है और उनसे कहा कि अगर वे संघर्ष समाप्त करते हैं तो अमेरिका उनके साथ "काफी व्यापार" करेगा।