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Maharashtra: पत्रकार की हत्या के मामले में संजय राउत ने डिप्टी सीएम को लिखी चिट्ठी, उठाई ये मांग

Sat, 11 Feb 2023 10:05 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अपनी चिट्ठी में उन्होंने मामले में जांच की निष्पक्ष मांग की है। आग्रह किया है कि वह खुद इस मसले में होने वाली जांच की निगरानी करें। राउत ने ट्विटर पर भी अपनी चिट्ठी सार्वजनिक की है। 
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संजय राउत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिवसेना (उद्धव ठाकरे) गुट के सांसद संजय राउत ने रत्नागिरी के पत्रकार की हत्या का मामला उठाया है। उन्होंने इस मसले पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने मामले में जांच की निष्पक्ष मांग की है। आग्रह किया है कि वह खुद इस मसले में होने वाली जांच की निगरानी करें। राउत ने ट्विटर पर भी अपनी चिट्ठी सार्वजनिक की है। 

राउत ने पत्रकार की हत्या को राजनीतिक हत्या करार दिया और मांग की कि महाराष्ट्र सरकार उनके परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता प्रदान करे, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। राउत ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मारे गए पत्रकारों के परिवार को वित्तीय सहायता मुहैया कराने की मांग की है। सरकार की लापरवाही के कारण उनकी मौत हो गई। इलाके में रिफाइनरी लगाने का विरोध करने वालों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस पर दबाव है।

राज्यसभा सदस्य ने दावा किया कि उन्हें फोन पर इस मुद्दे को नहीं उठाने के लिए कहा गया। राउत ने कहा, हम वारिशे की मौत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता।' उन्होंने पत्रकार की मौत को राजनीतिक हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि मास्टरमाइंड का पर्दाफाश करने के लिए जांच की जानी चाहिए।

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क्या है मामला?
दरअसल, 48 साल के शशिकांत वारीशे एक मराठी अखबार में काम करते थे। सोमवार को वारीशे की बाइक में रत्नागिरी जिले के राजापुर में एक पेट्रोल पंप के पास एक एसयूवी कार ने सोमवार को टक्कर मार दी थी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गये थे। दूसरे दिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। आरोप है कि यह गाड़ी  पंढरीनाथ आंबेरकर चला रहा था।  

रिपोर्ट्स के अनुसार, वारीशे ने सोमवार को ही मराठी अखबार में रत्नागिरी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के खिलाफ एक लेख लिखा था। हत्या का आरोपी पंढरीनाथ आंबेरकर इस प्रोजेक्ट का समर्थक है। आंबेरकर के हित इस प्रोजेक्ट से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि पुलिस ने मामले में अंबरकर को गिरफ्तार कर लिया। पहले उस पर आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज किया गया था। बाद में उस पर धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आंबेरकर को आगामी 13 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस हत्या के मकसद की तफ्तीश कर रही है।

रत्नागिरी रिफाइनरी को लेकर हो रही राजनीति
नाणार में रत्नागिरी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट का निर्माण लंबे समय से राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। बताया जाता है कि 2019 के चुनाव से पहले तत्कालीन सरकार ने इस परियोजना को रद्द कर दिया था। लेकिन अब फिर से इसे शुरू करने की योजना पर चर्चा चल रही है। एक केंद्रीय मंत्री ने पिछले साल यह घोषणा कर दी थी कि छह करोड़ मिट्रिक क्षमता की विश्व की सबसे बड़ी रिफाइनरी का जल्द ही शुरू किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा- जांच के लिए किया जाएगा एसआईटी का गठन
वहीं, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पत्रकार शशिकांत वारिशे की हत्या की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। फडणवीस के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्य में पुलिस प्रशासन को एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया गया है। बयान में कहा गया है कि एसआईटी का नेतृत्व एक उच्च पदस्थ अधिकारी करेगा।  मुंबई में पत्रकारों ने शुक्रवार को मंत्रालय के पास प्रदर्शन किया था और एसआईटी के गठन के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाने की मांग की थी।

राकांपा ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उठाए सवाल
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने पत्रकार की हत्या पर शनिवार को चिंता व्यक्त की और कहा कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। सत्ता में बैठे लोगों की गंभीरता संदेह में है। उन्होंने कहा, 'वारिशे मामला एक गंभीर मुद्दा है। राज्य में दुर्घटनाएं और हत्याएं बढ़ रही हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। इस बात पर संदेह है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए जिम्मेदार लोग इसे कितनी गंभीरता से लेते हैं। पवार ने यह भी कहा कि दो वंदे भारत ट्रेनों, दो एलिवेटेड रोड और एक अंडरपास का शुभारंभ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रवार को मुंबई दौरा आगामी निकाय चुनावों के मद्देनजर था। हालांकि, राकांपा प्रमुख ने कहा कि अगर वह महाराष्ट्र को कुछ देते हैं तो कोई समस्या नहीं है।  

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