क्या कहा था राउत ने?
राउत ने दावा किया था कि शिवसेना से उसका नाम और निशान छीनने के लिए 2000 करोड़ का लेन-देन हुआ। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि 2,000 करोड़ रुपये एक प्रारंभिक आंकड़ा था और यह 100 फीसदी सच था। उन्होंने पत्रकारों को यह भी बताया कि सत्तारूढ़ दल के करीबी एक बिल्डर ने उनके साथ यह जानकारी साझा की। राज्यसभा सदस्य ने कहा कि उनके दावे के समर्थन में सबूत हैं, जिसका खुलासा वह जल्द करेंगे।
चुनाव आयोग ने शिंदे गुट के पक्ष में सुनाया था फैसला
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी और उसे 'धनुष और तीर' चुनाव चिह्न आवंटित करने का आदेश दिया। संगठन पर नियंत्रण के लिए लंबी लड़ाई पर 78 पन्नों के आदेश में, चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे गुट को राज्य में विधानसभा उपचुनावों के पूरा होने तक आवंटित धधकती मशाल चुनाव चिन्ह रखने की अनुमति दी थी।