बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर नगर इकाई के प्रमुख संजय निरूपम ने भड़ास निकाल दी। हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी की नगर इकाई के प्रमुख संजय निरूपम ने बृहस्पतिवार को अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की।
निरूपम ने संवाददाताओं से बात करते हुए शहर के कुछ पार्टी नेताओं के खिलाफ आरोप लगाया है। निरूपम के अनुसार, ये नेता चाहते थे कि चुनावों में कांग्रेस की हार हो। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव गुरुदास कामत का स्पष्ट उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘उनका (कामत का) लक्ष्य मुझे हराना था। उन्होंने पार्टी को भारी क्षति पहुंचाई है।’
निरूपम ने कहा कि उन्होंने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से बात की है और निकाय चुनावों में खराब प्रदर्शन को लेकर अपने इस्तीफे की पेशकश की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि बतौर नगर इकाई प्रमुख अपने दो वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने पार्टी के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।
'कोई एक शख्स पार्टी की सफलता सुनिश्चित नहीं कर सकता'
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निरूपम ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘मैं स्वीकारता हूं कि पिछले दो वर्ष में संसाधनों की कमी रही। कोई एक शख्स पार्टी की सफलता सुनिश्चित नहीं कर सकता। पार्टी के कुछ नेताओं ने चुनाव प्रचार को नुकसान पहुंचाने के लिए बहुत नकारात्मकता फैलाई।’ उन्होंने कहा, ‘अगर मैं गलत था तो ये नेता मीडिया में ट्विटर पर जाकर और पार्टी नेताओं को निशाना बनाने के बजाय मेरे साथ इन मुद्दों पर चर्चा कर सकते थे।’
निरूपम ने कहा कि मतभेदों को सुलझाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को एआईसीसी का पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। उन्होंने कहा, ‘लेकिन जो नेता मुझे निशाना बना रहे थे, उन्होंने मुझसे मिलने से इनकार कर दिया।’ निरूपम ने कामत का नाम लिए बगैर कहा, ‘पिछले दो वर्ष से मैं नगर अध्यक्ष हूं, लेकिन यही स्थिति मुरली देवरा और कृपाशंकर सिंह के समय भी थी। क्या हर कोई गलत है और केवल एक व्यक्ति सही है।’ गौरतलब है कि कामत भी नगर प्रमुख के तौर पर सेवा दे चुके हैं।
बरहाल, पार्टी के वरिष्ठ नेता नारायण राणे ने बीएमसी चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए निरूपम पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जीतने के उद्देश्य से चुनाव नहीं लड़ा। इस बारे में पूछे जाने पर निरूपम ने कहा कि फिर राणे ने चुनाव प्रचार क्यों नहीं किया। उन्होंने तो अपने पत्र में जिन उम्मीदवार की सिफारिश की थी उनके लिए भी प्रचार नहीं किया।