शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया है कि उन्होंने वक्फ भूमि को बड़े पैमाने पर नियंत्रित किया है। उन्होंने मांग की है कि महाराष्ट्र सरकार को वक्फ संपत्तियों की स्थिति जानने और उन्हें किसने नियंत्रित किया हुआ है, इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी चाहिए।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने रविवार को महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि वह वक्फ संपत्तियों और उन्हें नियंत्रित करने वालों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर वक्फ भूमि को बड़े पैमाने पर कब्जाने का भी आरोप लगाया।
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शिवसेना नेता निरुपम ने मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास 90,000 एकड़ में फैली 23,000 संपत्तियां हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इन संपत्तियों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी चाहिए, ताकि यह पता लग सके कि इन संपत्तियों की स्थिति क्या है और वक्फ के नाम पर इन संपत्तियों पर किसने कब्जा किया हुआ है।
कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया
संजय निरुपम ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने वक्फ भूमि को बड़े पैमाने पर कब्जा रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। साथ ही उनमें भाजपा और हिंदुत्व में विश्वास रखने वाले संगठनों के बारे में डर पैदा किया है।
निरुपम ने राहुल और प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधा
संजय निरुपम ने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दोनों नेताओं ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा में इसलिए हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि वह इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं। उनका मकसद मुसलमानों को एनडीए सरकारों के खिलाफ खड़ा करना है। वह मुसलमानों को संदेश देना चाहते हैं कि एनडीए सरकारें उन्हें परेशान कर रही हैं और वे ही इसके खिलाफ लड़ रहे हैं।
मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा गुंडागर्दी करना गलत: निरुपम
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बैंकों में मराठी बोलने को लेकर चल रहे आंदोलन को स्थगित करने का आह्वान किया है। इस मामले पर जब निरुपम से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सभी को मराठी का सम्मान करना चाहिए। राज्य में संचार के लिए मराठी भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। निरुपम ने कहा, 'मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा गुंडागर्दी करना गलता है। हमने राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की थी। क्या बैंक कर्मचारियों को थप्पड़ मारने से सभी लोग मराठी में बातचीत करने लगेंगे? ये तरीका गलत है। आप कोचिंग सेंटर खोलकर गैर-महाराष्ट्रियों को मराठी सिखाते हैं।'