महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी सरकार के सोमवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कई विधायक नाराज हैं। बुधवार को पुणे में स्थित कांग्रेस भवन में विधायक संग्राम थोपटे के समर्थकों ने जमकर तोड़फोड़ की। समर्थक उद्धव ठाकरे मंत्रिमंडल में मंत्री पद नहीं दिए जाने से नाराज थे।
मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस की गुटबाजी भी सामने आ गई है। वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार शाम ही मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलकर खुद को नजरअंदाज किए जाने की शिकायत की। इनमें पृथ्वीराज चव्हाण, प्रणीति शिंदे, नसीम खान, संग्राम थोपटे, अमीन पटेल और रोहिदास पाटिल शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इन नेताओं का आरोप है कि खड़गे ने कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को गुमराह किया। नाराज नेता दिल्ली जाकर सोनिया से मिलने की योजना बना रहे हैं।
विधायकों की नाराजगी इसलिए भी है कि राज्य विधानसभा की 288 संख्या में कुल 43 मंत्री ही हो सकते हैं। उद्धव मंत्रिमंडल में यह संख्या पूरी हो गई है। ऐसे में जल्द ही किसी नए को मौका मिलने के आसार नहीं हैं। अब तभी किसी नए विधायक को मौका मिलेगा जब कोई मंत्री इस्तीफा दे। मंत्रिमंडल में परिवारवाद भी खूब चला। 19 मंत्री राजनीति परिवारों से हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी ने मुलाकात कर राज्य की ताजा राजनैतिक हालात के बारे में जानकारी दी थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल ने चुनाव में पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए मंत्रियों को शुभकामनाएं दी थी।
राहुल से मुलाकात के दौरान पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री बालासाहब थोराट, प्रदेश सरकार में मंत्री अशोक चव्हाण, नितिन राउत, अमित देशमुख और कांग्रेस कोटे के कई अन्य मंत्री तथा नेता मौजूद थे। बता दें कि महाराष्ट्र में कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना के साथ मिलकर सरकार का गठन किया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली इस सरकार में कांग्रेस के कोटे से 12 मंत्री शामिल हैं।