राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा हाल ही में कांग्रेस की तारीफ किये जाने को 'नाटक' करार देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा है कि आरएसएस यह सब अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए कर रहा है, जबकि उसके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आने वाला है।
कांग्रेस महासचिव रावत ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की कैलास मानसरोवर यात्रा से भाजपा और आरएसएस का 'अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का दुष्प्रचार' ध्वस्त हो गया जिस वजह से ये बहुत परेशान हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने 'भाषा' के साथ बातचीत में कहा, 'कांग्रेस की तारीफ एक ऐतिहासिक तथ्य है।
लेकिन हमारी तारीफ से आरएसएस का स्वभाव नहीं बदलने वाला है। उसका रंग नहीं बदलने वाला है। इसलिए उनके द्वारा हमारी तारीफ किए जाने का कोई मतलब नहीं है। सच्चाई यह है कि संघ अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए हमारी तारीफ का नाटक कर रहा है।'
पिछले दिनों आरएसएस के "भविष्य का भारत' नामक कार्यक्रम में भागवत ने कांग्रेस की तारीफ करते हुए कहा था कि इस पार्टी ने देश को कई महापुरुष दिए हैं। रावत ने गांधी की हालिया कैलास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा, 'राहुल गांधी और उनका परिवार हमेशा से शिवभक्त रहा है। इसी वजह से वह कैलास की यात्रा पर गए। लेकिन इससे भाजपा और आरएसएस के लोग डरे हुए हैं।'
उन्होंने कहा, 'इनका डर स्वाभाविक है। इन्होंने नकारात्मक अभियान चलाया और लोगों को गुमराह किया। हमने कहा कि अल्पसंख्यकों और दलितों में गरीबी ज्यादा है इसलिए उन पर ज्यादा दिया जाए। लेकिन उन्होंने पहले दलित तुष्टिकरण और फिर अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का दुष्प्रचार फैलाया।
पहले राहुल गांधी के केदारनाथ जाने से इनके इस दुष्प्रचार में दरार आ गयी। अब कैलास जाने के बाद अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का उनका दुष्प्रचार ध्वस्त हो गया है।' उन्होंने दावा किया, 'अब भाजपा और आरएसएस के लोग बहुत परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। उनकी नींद उड़ गई है। लगता है कि उनके सपने में भी राहुल गांधी आते हैं।'
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के विमान में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी और वह कई हजार फुट नीचे आ गया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की रैली में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने कैलास मानसरोवर यात्रा का संकल्प लिया है।
राहुल गांधी द्वारा बार-बार आरएसएस पर निशाना साधने का समर्थन करते हुए रावत ने कहा, 'आरएसएस और कांग्रेस विपरीत ध्रुव हैं। कांग्रेस का मूलभूत सिद्धांत अहिंसा, सर्वधर्म समभाव और समग्रता है, लेकिन आरएसएस का सिद्धांत इसके बिल्कुल उलट है। इसलिए हमारा आरएसएस के खिलाफ बोलना स्वाभाविक है।'
उन्होंने कहा, 'हम हमेशा से यही कहते रहे हैं कि हमें हिंदू धर्म में अटूट विश्वास है और हिंदू होने पर गर्व है, लेकिन हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। आरएसएस और भाजपा ने हिंदुत्व मापने थर्मामीटर ले रखा है जिससे हम सहमत नहीं हैं। उनका यह थर्मामीटर उन्हें मुबारक हो।'
आगामी लोकसभा चुनाव में महागठबंधन की संभावना के सवाल पर उन्होंने कहा, 'विपक्ष के सभी दल यही कह रहे हैं कि वे भाजपा को हराना और संवैधानिक लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं। आप देखेंगे कि सभी दल साथ आएंगे और भाजपा को हराएंगे।'