असम में राष्ट्रपति पदक विजेता एक पूर्व सेना अधिकारी को बुधवार को ‘विदेशी’ घोषित कर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उन्हें नजरबंदी शिविर में भेज दिया है।
कामरूप जिले के बोको थाना क्षेत्र के कोलोहिकस गांव निवासी और अब सीमा पुलिस में सहायक उप-निरीक्षक(एएसआई) के पद पर कार्यरत मोहम्मद सनाउल्लाह को विदेशी न्यायाधिकरण, कामरूप द्वारा ‘विदेशी’ घोषित किया गया है।
कामरूप जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीब सैकिया के अनुसार, मतदाता सूची में ‘डी’ (संदिग्ध) मतदाता के रूप में सनाउल्ला का नाम सूचीबद्ध होने के बाद वर्ष 2008 में वहां दर्ज एक मामले के बाद आया था। न्यायाधिकरण के फैसले के बाद, सैकिया ने कहा कि पुलिस निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, सनाउल्लाह को ले गई और उन्हें गोलपारा जिले के नजरबंदी शिविर में भेज दिया गया है।
सनाउल्लाह ने शिविर में जाने से पहले पत्रकारों से कहा कि वह एक भारतीय नागरिक हैं और उनके पास नागरिकता संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश की सेना में 30 वर्षों (1987-2017) तक इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी के रूप में सेवा की और 2014 में राष्ट्रपति के पदक से सम्मानित किया गया।
सनाउल्लाह ने कहा कि उन्होंने जिले के बोको में चंपो पारा गवर्नमेंट हाई स्कूल से हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एचएसएलसी) की परीक्षा पास की थी और सेना से रिटायर होने के बाद वह पिछले वर्ष से सीमा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं।
उनकी बेटी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके पिता ने न्यायाधिकरण को अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, जिसमें मतदाता कार्ड और पैतृक संपत्ति के दस्तावेज शामिल थे। उनके परिजनों ने कहा कि वह न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।