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लखीमपुर खीरी हिंसा: धीरे-धीरे जोखिम की ओर बढ़ रहे हैं अजय मिश्रा 'टेनी', गृह राज्य मंत्री से हटी नहीं है किसानों की नजर

सार

संयुक्त किसान मोर्चे के वरिष्ठ सदस्य अविक साहा ने बताया, अजय मिश्रा 'टेनी' अपने चंगुल में फंसकर लटक जाएंगे। उनकी कुर्सी जानी तय है। भाजपा जानती है कि यूपी चुनाव में 'टेनी' की कुर्सी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है...
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अजय मिश्रा टेनी - फोटो : Agency
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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' की कुर्सी को लेकर चर्चा चल पड़ी है। किसान संगठनों ने अभी इस मुद्दे से 'नजर' हटाई नहीं है। बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चे के वरिष्ठ सदस्य अविक साहा ने बताया, किसानों ने लखीमपुर खीरी में हुए हत्याकांड को लेकर जो कुछ कहा था, वह सब सही निकल रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा था कि उस घटना के लिए अजय मिश्रा 'टेनी' ही जिम्मेदार हैं। तब से लेकर आज तक केंद्र सरकार, हत्याकांड की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी अजय मिश्रा को बचाती आई है। मोर्चे ने तब भी कहा था कि वह घटना पूर्व नियोजित थी। आज भी संयुक्त किसान मोर्चा, अपनी उस बात पर कायम है।

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साहा ने कहा, दरअसल अजय मिश्रा 'टेनी' अपने चंगुल में फंसकर लटक जाएंगे। उनकी कुर्सी जानी तय है। भाजपा जानती है कि यूपी चुनाव में 'टेनी' की कुर्सी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। जानकारों का कहना है कि एसआईटी की रिपोर्ट किसने वायरल की है। विपक्ष के पास तो ऐसी ताकत है नहीं। मतलब साफ है कि गृह राज्य मंत्री 'टेनी' धीरे-धीरे जोखिम की ओर बढ़ रहे हैं।  

लोकसभा में बोलने नहीं दे रही सरकार

यूपी के लखीमपुर खीरी हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया है। सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर बवाल मचा है। कांग्रेस पार्टी के सांसद राहुल गांधी ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड को लेकर बुधवार को सदन में नोटिस दिया था। विपक्षी दलों के हंगामे की वजह से लोकसभा की कार्यवाही बाधित हो गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही, दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का आरोप था कि एसआईटी ने लखीमपुर खीरी मामले की जांच में जो खुलासा किया है, वह बहुत गंभीर है। उस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। लखीमपुर खीरी कांड के मुद्दे पर उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। एसआईटी रिपोर्ट में साफ हो गया है कि लखीमपुर खीरी में जो कुछ हुआ है, वह एक सुनियोजित साजिश थी। देश के किसानों को जानबूझकर बदनाम किया गया है।

किसानों को मारने की साजिश रची गई

जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविक साहा ने बताया, 'टेनी' को कोई नहीं बचा सकता। वह अपने चंगुल में फंस रहा है। सुप्रीम कोर्ट और एसआईटी का निर्णय सही था, अब उस बात पर मुहर लग गई है। किसान पहले ही दिन से कह रहे थे कि वह घटना औचक नहीं थी। उसके पीछे किसानों को कुचलकर मारने की साजिश रची गई थी। अब जो हालात बन रहे हैं, उसमें टेनी को जबरदस्ती नहीं बचाया जा सकता। जनता को अब यह भी मालूम हो जाएगा कि 'टेनी' ने वह सब क्यों किया था। बतौर साहा, अब टेनी को बर्खास्त कर देना चाहिए। एसआईटी की रिपोर्ट ने किसान संगठनों के रुख की पुष्टि की है। रिपोर्ट में साफ हो गया है कि आरोपी ने लखीमपुर खीरी मामले में लापरवाही और अनजाने में वह आपराधिक कृत्य नहीं किया था। सब कुछ पहले से तय था। किसानों को मारने की साजिश रची गई थी। एसआईटी ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा टेनी समेत 13 आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।

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