भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को अनुच्छेद-370 के बहाने शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में चल रहे सत्ता संघर्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष किया कि किसी भी राजनीतिक दल में दो प्रधान, दो निशान और दो संविधान नहीं हो सकते।
एनसीपी में भी अनुच्छेद-370 लागू था। अजीत पवार के इस्तीफे के साथ ही इसका खात्मा हो गया। उन्होंने कहा कि इस पृष्ठभूमि में वह पूछना चाहते हैं कि एनसीपी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाए जाने पर चुप क्यों है।
भाजपा नेता ने अजीत पवार के इस्तीफे को एनसीपी का आंतरिक मामला करार दिया। प्रवर्तन निदेशालय को लेकर शरद पवार के बयान पर पात्रा ने कहा कि ईडी का मतलब प्रवर्तन निदेशालय (एंफोर्समेंट डायरेक्टरेट) है, ‘इवेंट डेवलपमेंट’ (कार्यक्रम विकास) नहीं है।
शरद मुंबई में ईडी के कार्यालय में शुक्रवार को खुद जा रहे थे, लेकिन आखिरी वक्त पर उन्होंने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर आशंका जताते हुए अपना कार्यक्रम बदल दिया। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के भाषण का जिक्र करते हुए पात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे के हिंदू आतंकवाद की टिप्पणी के लिए कांग्रेस से शीर्ष नेतृत्व से माफी मांगने को कहा।