नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में भड़की हिंसा और जगह-जगह हो रहे विरोध प्रदर्शन का जिम्मेदार भाजपा ने विपक्षी पार्टी के नेताओं को ठहराया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि एनआरसी कानून के जरिए किसी का अधिकार नहीं छीना जा रहा है।
संबित ने कहा कि छात्रों (जामिया मिलिया) को भड़काया जा रहा है। इनका राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एआईएमआई के सांसद असदुद्दीन ओवैसी, आप नेता अमानतुल्ला खान समेत कई विपक्षी नेताओं पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
पात्रा ने कहा कि ओवैसी हिंदुस्तान के नए जिन्ना हैं, और आप के अमानतुल्ला दिल्ली के नए जिन्ना बनना चाहते हैं। पात्रा ने कहा कि ओवैसी जी आजकल हर विषय पर हिंदू, मुसलमान करके देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उसी प्रकार आम आदमी के अमानतुल्ला काम कर रहे हैं। 370 पर भी विपक्ष ने ऐसा ही किया था।
संबित पात्रा ने कहा कि छात्रों को विपक्ष के नेताओं द्वारा गुमराह किया जा रहा है। शनिवार को राहुल गांधी को दोबारा लॉन्च करने की कोशिश की जाती है और रविवार को कई जगहों पर हिंसा शुरू हो जाती। विपक्ष नागरिकता कानून पर हिंदू-मुस्लिम कर विभाजनकारी नीति अपना रहा है, लोगों को गलत जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा के बाद नागरिकता कानून बना। इसे असंवैधानिक कहना गलत है, विपक्ष की ओर से इसे लेकर अफवाह फैलाई जा रही है। ये सच्चाई है कि विपक्ष की सभी राजनीतिक पार्टियों ने नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ बिना किसी तथ्य के मोर्चा खोला है।