महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संभाजी नगर में भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर कथित रूप से हमला किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। डिप्टी सीएम ने नेताओं से अपील की है कि इसपर भड़काऊ बयान न दें। इसे राजनीतिक रंग देने से बचे। वहीं महाराष्ट्र सीएम ने कहा कि कानून व्यवस्था खराब न करें। हिंसा के बाद गुरुवार को संभाजी नगर में आरएएफ ने फ्लैग मार्च निकाला।
नेताओं को राजनीति करने से बचना चाहिए
हिंसा पर डिप्टी सीएम और गृहमंत्री ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, कुछ लोग भड़काऊ बयान देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं को पता होना चाहिए कि ऐसी स्थितियों में कैसे व्यवहार करना है। इसलिए, अगर कोई इस तरह के गलत बयान दे रहा है, तो उन्हें इससे बचना चाहिए। सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए। अगर कोई इस घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, तो यह यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
शीर्ष अदालत ने अवमानना की कोई कार्रवाई नहीं की
पुलिस के मुताबिक, हिंसा में कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। घटना में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है। न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना ने भड़काऊ भाषणों पर लगाम लगाने में कथित नाकामी के लिए महाराष्ट्र के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को नफरत फैलाने वाले भाषणों पर गंभीर आपत्ति जताई है। हालांकि, फडणवीस ने कहा कि शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार के खिलाफ कोई अवमानना कार्रवाई शुरू नहीं की।
फडणवीस ने कहा, "सबसे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि अन्य राज्यों में क्या हो रहा है और केवल महाराष्ट्र को निशाना बनाया जा रहा है। तब अदालत ने सभी राज्यों के लिए एक सामान बयान दिया कि राज्य सरकारों को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अनावश्यक रूप से इसका गलत अर्थ निकाल रहे हैं।
महाराष्ट्र सीएम भी बोले
वहीं महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैं अधिकारियों और लोगों से अपील करता हूं कि क्षेत्र में शांति बनाए रखें। जिस तरह आजतक प्रदेश में सभी त्योहार मनाए गए हैं, वैसे ही त्योहार मनाने चाहिए। कानून व्यवस्था को खराब न करें।