समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब पर दिए अपने बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत बयान नहीं था, बल्कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री द्वारा राहुल गांधी की तुलना औरंगजेब से किए जाने पर प्रतिक्रिया दी थी। इसके साथ ही उन्होंने अपने बयान को वापस लेने की बात कही है। वहीं सत्ताधारी महायुति इस बयान का जबरदस्त विरोध कर रहा है।
अबू आजमी ने कहा, यह मेरा बयान नहीं था, बल्कि मैंने असम के मुख्यमंत्री द्वारा राहुल गांधी की तुलना औरंगजेब से किए जाने पर प्रतिक्रिया दी थी। कई इतिहासकारों ने औरंगज़ेब के बारे में लिखा है और मैंने उन्हीं तथ्यों को दोहराया है। ये पुस्तकें अभी भी प्रतिबंधित नहीं हैं, न ही इन इतिहासकारों पर कोई कार्रवाई की गई है। फिर जब मैंने वही बातें कही हैं, तो इस मुद्दे को लेकर इतना बवाल क्यों मचाया जा रहा है?
उन्होंने आगे कहा, देश में मुसलमानों के खिलाफ कई बातें की जा रही हैं। जितना बीजेपी नेता मुसलमानों के खिलाफ बोलते हैं, उतना ही उनका वोट बैंक बढ़ता है। सरकार में बैठे लोग मेरे खिलाफ नफरत फैला रहे हैं। मुझे गालियां मिल रही हैं, और यदि मुझे कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अबू आजमी ने यह भी कहा कि वह अपना बयान वापस ले रहे हैं, लेकिन इसलिए नहीं कि वह गलत था, बल्कि इसलिए कि उनके खिलाफ गलत तरीके से लोगों को भड़काया जा रहा है।
अबू आजमी ने क्या कहा था?
आजमी ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा था, 'सारा गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए...औरंगजेब क्रूर नहीं था।' एक समाचार चैनल के साथ इंटरव्यू में सपा नेता ने कहा था, 'मैंने औरंगजेब के बारे में जितना पढ़ा है, उसने कभी भी जनता का पैसा अपने लिए नहीं लिया, उसका शासन बर्मा (वर्तमान म्यांमार) तक फैला हुआ था, उस समय देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वह एक महान प्रशासक थे, उसकी सेना में कई हिंदू कमांडर थे।'
अबू आजमी के बयान पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, यह अबू आजमी को महंगा पड़ेगा और महाराष्ट्र की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज हमारे देवता हैं... छत्रपति संभाजी महाराज बलिदान देने के बाद भी जीत गए और औरंगजेब जीतने के बाद भी हार गया था। इससे पहले राज्य के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अबु आजमी को देशद्रोही तक करार दे दिया था। शिंदे ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया और कहा कि अबु आजमी ने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अबु आजमी को सदन से निलंबित किया जाना चाहिए।