पाकिस्तानी कलाकारों का बचाव कर अभिनेता सलमान खान फिर विवादों में आ गए हैं। पाक कलाकारों की हिमायत करने पर शिवसेना और मनसे जैसी पार्टियां भड़क गईं हैं। शिवसेना ने अपने ताजा बयान में कहा है कि सलीम खान, सलमान खान को घर में बंद रखें। वहीं मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सलमान के बयान पर कहा है कि इन कलाकारों को पहले देश को समझना चाहिए। अगर इन्हें ज्यादा समस्या है तो हम उनकी फिल्मों पर भी बैन लगा देंगे। इससे पहले शिवसेना के नेता व महाराष्ट्र के उद्योगमंत्री सुभाष देसाई ने सलमान खान को अपने पिता सलीम खान से नसीहत लेने की सलाह दी थी। वहीं, इस मुद्दे पर बॉलीवुड भी दो धड़े में बंट गया है।
शिवसेना नेता व उद्योग मंत्री देसाई ने कहा था कि पाकिस्तान हमारा दुश्मन है और पाक को लेकर पार्टी की भूमिका साफ है। पाकिस्तान आतंकवाद फैलाता है और बार-बार भारत की सीमा का उल्लंघन करता है। इसलिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों और कलाकारों से हमें कोई संबंध रखना उचित नहीं समझते। यह भावना शिवसेना की ही नहीं बल्कि पूरे देश की है जिसे केवल देशप्रेमी ही समझ सकते हैं।
सलमान खान को इस मामले में अपने पिता सलीम खान से सलाह लेनी चाहिए। वहीं, मनसे चित्रपट सेना के अध्यक्ष अमेय खोपकर ने कहा कि क्या सैनिकों की शहादत को भूल गए सलमान खान। खोपकर ने धमकी दी है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम करते मिलने पर न सिर्फ पाकिस्तानी कलाकारों की पिटाई की जाएगी बल्कि उन्हें काम देने वालों को भी सबक सिखाया जाएगा। फिल्म सेंसर बोर्ड के प्रमुख पहलाज निहलानी ने कहा कि किसी को भी बीजा के आधार पर बेशर्म व्यवहार की माफी नहीं दी जा सकती।
जानिए क्या बोलकर विवादों में फंसे सलमान?
अभिनेता सलमान खान ने उड़ी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे आतंकवादी नहीं कलाकार हैं। यह दोनों अलग-अलग बातें हैं। क्या कलाकार आतंकवादी होते हैं। कलाकार यहां बीजा लेकर आते हैं और हमारी सरकार उन्हें बीजा देती है।
हालांकि सलमान ने आतंकियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई को सही बताया लेकिन उन्होंने पाकिस्तानी कलाकारों का यह कहते हुए बचाव किया कि वे कलाकार हैं आतंकी नहीं। बता दें कि उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान के कलाकारों का भी विरोध हो रहा है। पाक कलाकार फवाद ख़ान, माहिरा ख़ान, अली ज़फर समेत तमाम अभिनेताओं और गायकों को पाकिस्तान वापस भेजने की मांग की जा रही है।
सलमान ने इन कलाकारों का बचाव करते हुए कहा कि आदर्श स्थिति तो अमन और चैन की होनी चाहिए लेकिन अब जो हुआ है तो जाहिर है एक्शन का रिएक्शन तो होगा ही। फिर भी इस माहौल में अगर प्यार, मोहब्बत और अमन से रहें तो सबके लिए बेहतर होगा।
इम्पा ने लगाई है पाक कलाकारों पर पाबंदी
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सलमान खान पाकिस्तानी कलाकारों का बचाव कर रहे हैं वहीं, फिल्म निर्माताओं के बड़े संगठन इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा) ने पाकिस्तानी कलाकारों और तकनीशियंस के भारतीय फिल्मों में काम करने पर पाबंदी लगा दी है।
गुरुवार को इम्पा की सालाना सर्व साधारण सभा में यह प्रस्ताव पारित किया गया। इम्पा के अध्यक्ष टीपी अग्रवाल ने कहा है कि इस संस्था के सदस्य निर्माता किसी पाकिस्तानी कलाकार को अपनी फिल्मों में नहीं लेंगे। यही नहीं, उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘लाली की शादी में लड्डू दीवाना’ से पाकिस्तानी गायक राहत फतहअली खान का गाना निकालने की भी घोषणा की है।
इस फिल्म में कमल हसन की बेटी अक्षरा हसन और नसीरुद्दीन शाह के बेटे विवान शाह अहम किरदार निभा रहें हैं। वहीं, इम्पा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभय सिंहा ने कहा है कि हालात सामान्य होने तक भारतीय फिल्मों में पाकिस्तान के कलाकारों के काम करने पर पाबंदी लगाई गई है।
पाकिस्तानियों से भिड़ गए अदनान सामी
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भारत की नागरिकता हासिल कर चुके पाकिस्तान मूल के गायक अदनान सामी ट्विटर पर पाकिस्तानियों से भिड़ गए। सामी ने ट्वीट कर आतंकियों के खिलाफ की गई भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की थी।
उन्होंने लिखा था कि प्रधानमंत्री और हमारे बहादुर सैनिकों को अच्छे, सफल और परिपक्व रणनीति के तहत आतंक के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए बधाई। इससे नाराज कई पाकिस्तानी नागरिकों ने जवाबी ट्वीट में उन्हें भला बुरा कहना शुरू कर दिया था। इसके बाद सामी ने भी पलटवार किया कि पाकिस्तानियों ने मेरे ट्वीट पर जिस तरह भड़ास निकाली है उससे साफ है कि वे आतंक और पाकिस्तान को एक ही समझते हैं।
पाक कलाकारों पर प्रतिबंध अपरिहार्य
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पाकिस्तानी कलाकारों के समर्थन में पूरा बॉलीवुड एकजुट हैं और अब इसमें एक नया नाम गीतकार और स्क्रीन राइटर जावेद अख्तर का भी है। जावेद अख्तर ने कहा कि भारत में पाकिस्तानी कलाकारों का हमेशा शानदार तरीके से स्वागत किया गया है। इस रिश्ते को सकारात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए और उसे एक ही तराजू पर नहीं तौला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के सांस्कृतिक रिश्ते एकतरफा हो गए हैं। लता मंगेशकर पाकिस्तान में सबसे ज्यादा लोकप्रिय भारतीय गायिका हैं। अगर देश की भावनाओं के साथ जाए, तो पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाना अपरिहार्य हो गया था। हालांकि हम उम्मीद करते हैं कि एक समय रिश्ते बदलेंगे और सांस्कृतिक रिश्तों में बराबरी आएगी।