तेलंगाना पुलिस ने ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले के मामले में अहम जानकारी साझा की है। पुलिस के मुताबिक इस घटना का संदिग्ध साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला है, लेकिन वह करीब 27 साल पहले ऑस्ट्रेलिया चला गया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साजिद अकरम का हैदराबाद में अपने परिवार से बहुत सीमित संपर्क रहा है। लंबे समय से वह भारत में अपने रिश्तेदारों के संपर्क में नहीं था और उसका जीवन पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया में ही केंद्रित था।
यह भी पढ़ें -
Australia: 'IS से प्रेरित थी बॉन्डी बीच पर हुई यहूदी विरोधी सामूहिक गोलीबारी', प्रधानमंत्री अल्बनीज का बयान
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ साझा की गई जानकारी
तेलंगाना पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि साजिद अकरम या उसके बेटे नवीद अकरम के कट्टरपंथी बनने के पीछे जो कारण रहे, उनका भारत या तेलंगाना में किसी स्थानीय प्रभाव से कोई संबंध नहीं है। पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया में किसी भारतीय संगठन, व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका नहीं पाई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की जानकारी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ साझा की जा रही है, ताकि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ सके। साथ ही यह भी दोहराया गया कि भारत में इस घटना से जुड़ा कोई प्रत्यक्ष लिंक अब तक सामने नहीं आया है। तेलंगाना डीजीपी कार्यालय ने एक बयान में कहा गया है कि साजिद अकरम ने हैदराबाद से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की और नवंबर 1998 में रोजगार की तलाश में ऑस्ट्रेलिया चला गया।
डीजीपी तेलंगाना का पूरा बयान
रविवार, 14 दिसंबर, 2025 को सिडनी के बोंडी बीच पर, दो हमलावरों द्वारा एक सार्वजनिक हनुक्का उत्सव के दौरान हुई गोलीबारी में कथित तौर पर 15 पीड़ितों और दो हमलावरों में से एक की मौत हो गई। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस/सरकार इस घटना को आतंकवादी हमला मान रही है। हमलावरों की पहचान साजिद अकरम और उनके बेटे नवीद अकरम के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे आईएसआईएस की विचारधारा से प्रेरित थे। इस संबंध में आगे की जांच ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी कर रहे हैं। साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद, भारत के रहने वाले हैं। उन्होंने हैदराबाद से बीकॉम की डिग्री पूरी की और लगभग 27 साल पहले, नवंबर 1998 में रोजगार की तलाश में ऑस्ट्रेलिया चले गए। बाद में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में स्थायी रूप से बसने से पहले यूरोपीय मूल की एक महिला वेनेरा ग्रोसो से शादी कर ली। उनके एक बेटा, नवीद (दो हमलावरों में से एक) और एक बेटी है। साजिद अकरम के पास आज भी भारतीय पासपोर्ट है और उनके बेटे नवीद अकरम और बेटी का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ था और वे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं।
भारत में उनके रिश्तेदारों से मिली जानकारी के अनुसार, साजिद अकरम का पिछले 27 वर्षों में हैदराबाद में अपने परिवार से बहुत कम संपर्क था। ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद वह छह बार भारत आए, मुख्य रूप से पारिवारिक कारणों से, जैसे संपत्ति के मामले और अपने बुज़ुर्ग माता-पिता से मिलने। ऐसा माना जाता है कि वह अपने पिता की मृत्यु के समय भी भारत नहीं आए थे। परिवार के सदस्यों ने उनकी कट्टर सोच या गतिविधियों के बारे में, या उन परिस्थितियों के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया है जिनके कारण वह कट्टरपंथी बने। साजिद अकरम और उनके बेटे नवीद के कट्टरपंथी बनने के कारणों का भारत या तेलंगाना में किसी स्थानीय प्रभाव से कोई संबंध नहीं लगता है। 1998 में भारत छोड़ने से पहले भारत में रहने के दौरान तेलंगाना पुलिस के पास साजिद अकरम के खिलाफ कोई प्रतिकूल रिकॉर्ड नहीं है। तेलंगाना पुलिस केंद्रीय एजेंसियों और अन्य समकक्षों के साथ, जब भी ज़रूरत होगी, सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है, और जनता और मीडिया से बिना सत्यापित तथ्यों के अटकलें लगाने या आरोप लगाने से बचने का आग्रह करती है।
यह भी पढ़ें -
Bondi Beach Attack: 'एक हमलावर ने किया भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल', बॉन्डी बीच हमले पर फिलीपींस का दावा
आईएस की विचारधारा से प्रेरित था हमला- अल्बनीज
सिडनी के बॉन्डी बीच पर सामूहिक गोलीबारी में 15 लोगों की मौत के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा है कि यह हमला आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) की विचारधारा से प्रेरित था। उन्होंने इस हमले को 'सुनियोजित, योजनाबद्ध और बेहद बर्बर' बताया। अल्बनीज ने कहा कि अब तक की जांच से संकेत मिलता है कि दो हमलावरों ने अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया।