सेक्स चेंज करवाकर महिला बने वाले नौसेना के नाविक का कहना है कि उसे नेवी से निकालने की तैयारी चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। नाविक मनीष गिरी का कहना है कि उन्हें सेना से निकालने के लिए मानसिक रूप से अयोग्य साबित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वह अपने अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। वहीं नौसेना ने सेक्स परिवर्तन कराने के बाद उन्हें सेवा से निकलाने की सिफारिश की है। नौसेना का तर्क है कि नियम के मुताबिक फिलहाल महिलाएं डिफेंस सर्विस में बतौर सैनिक काम नहीं कर सकती हैं।
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गिरी ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानिस रूप से परेशान किया गया है। मेलटुडे की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि मुझे मेंटल वार्ड में रखा गया। पिछले 6 महीनों में दिमागी तौर पर बहुत परेशान किया गया। साथ ही अस्पताल में डॉक्टरों ने मुझे मानसिक रूप से अयोग्य साबित करने की कोशिश की, जिससे मुझे नौसेना से निकाला जा सके। हालांकि, वह इस प्रयास में असफल रहे।
साथ ही उन्होंने कहा कि मैं अपने अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट में और अपने अधिकारों के लिए लड़ूंगा।