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Harassment Case: साई की कोच ने पूर्व ओलंपियन पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, IOA ने भी की कार्रवाई की मांग

Sat, 25 Apr 2026 03:41 AM IST
Nirmal Kant हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली।

सार

Harassment Case: साई में फिर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है, जहां महिला रोइंग कोच ने एचपीडी पीटी पोलुस पर गंभीर आरोप लगाए और शिकायत के बाद उन्हें निलंबित कर जांच शुरू की गई।  कोच के अनुसार उन्हें लगातार परेशान किया गया, जबकि आईओए ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बीते वर्षों में साई में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
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भारतीय खेल प्राधिकरण - फोटो : आधिकारिक वेबसाइट/भारतीय खेल प्राधिकरण
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विस्तार
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भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में एक बार फिर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (एनसीओई), अलेप्पी में तैनात एक महिला रोइंग कोच ने अपने सीनियर और रोइंग के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर (एचपीडी) पीटी पोलुस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद जब पोलुस ने हदें पार कीं तो महिला कोच ने एलएनसीपीई के निदेशक व प्रधानाचार्य से उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।
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पोलुस रोइंग में देश के पहले ओलंपियन हैं और उन्होंने 2002 के बुसान एशियाई खेलों में पदक भी जीता है। रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएफआई) ने उन्हें भारतीय टीम का एचपीडी नियुक्त किया गया था।  पोलुस को शिकायत मिलते ही निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। जांच प्रभावित नहीं हो इसलिए उन्हें इंफाल ट्रांसफर कर दिया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि उन्हें अभी एचपीडी से नहीं हटाया गया है।

आईओए ने भी की कार्रवाई की मांग
कोच के यौन उत्पीड़न की जानकारी खेल मंत्रालय, साई, आरएफआई और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को है। आईओए के एक पदाधिकारी ने खेल मंत्रालय, आरएफआई से पोलुस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महिला कोच के आरोप के मुताबिक पोलुस ने 2025 की शुरुआत से ही उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्हें अनुचित मैसेज भेजे। यहां तक उनके कमरे में भी प्रवेश किया। पहले उन्होंने सोचा कि एचपीडी उनके विरोध पर सुधर जाएंगे, पर ऐसा नहीं हुआ।
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नहीं हुई ठोस कार्रवाई
शिकायत के बावजूद कोच को सिर्फ 90 दिन के लिए सस्पेंड किया गया। विशेषज्ञ बताते हैं कि अब तक जांच पूरी कर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए थी। यह साई में यौन उत्पीड़न का पहला मामला नहीं है। इसी माह राज्यसभा में बताया गया कि बीते 10 वर्ष में साई में यौन उत्पीड़न के 33 मामले सामने आए हैं। इनमें 25 मामले कोच के खिलाफ हैं। इस दौरान 6 कोच सस्पेंड हुए जबकि दो बरखास्त। 2020 में बताया गया था कि बीते 10 वर्ष में साई में यौन उत्पीड़न के 45 मामले सामने आए हैं।

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