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छात्र खुदकुशी मामला: आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टलों से हटाए जाएंगे सीलिंग फैन; जांच के बीच लिया गया फैसला

Tue, 22 Sep 2026 11:27 AM IST
अमन तिवारी एएनआई, मुंबई

सार

आईआईटी बॉम्बे हॉस्टलों में सीलिंग फैन की जगह वॉल-माउंटेड पंखे लगाने जा रहा है। यह कदम छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद उठाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, इस फैसले पर राजनीति भी तेज हो गई है।
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आईआईटी बॉम्बे - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की खुदकुशी के बाद प्रशासन ने हॉस्टलों से सीलिंग फैन (छत के पंखे) हटाकर उनकी जगह 'वॉल-माउंटेड' (दीवार पर लगने वाले) पंखे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, इस मामले में फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजकुमार पंत ने संस्थान के शिक्षकों का बचाव करते हुए सोशल मीडिया ट्रायल पर गहरी चिंता जताई है।
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क्या है मामला?
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल वाकोडे शुक्रवार शाम पवई स्थित कैंपस के हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके मिले थे। आरोप है कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उन्हें कथित तौर पर मोबाइल फोन के जरिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, जिसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

हॉस्टलों में लगाए जा रहे दीवार वाले पंखे; विपक्ष ने उठाए सवाल
छात्रों की खुदकुशी की घटनाओं को रोकने के लिए आईआईटी बॉम्बे ने हॉस्टलों और अन्य उपयोगिता वाले क्षेत्रों से सीलिंग फैन हटाकर वॉल-माउंटेड पंखे लगाने का फैसला किया है। कैंपस में पंखों की नई खेप पहुंचने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई हैं। संस्थान में इससे पहले जुलाई में भी एक छात्र की खुदकुशी के बाद इस पर चर्चा हुई थी।
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हालांकि, एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने इस कदम की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पंखे बदलने से खुदकुशी का संकट हल नहीं होगा। गावंडे ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता और आत्महत्या रोकथाम पर ध्यान देने की मांग करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में आईआईटी संस्थानों में 117 से अधिक छात्र आत्महत्या कर चुके हैं।

फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार पंत का बयान
आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजकुमार पंत ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया, लेकिन साथ ही सोशल मीडिया पर बिना जांच के चल रहे ट्रायल पर नाराजगी भी जाहिर की। 
  • सोशल मीडिया ट्रायल पर चिंता: डॉ. पंत ने कहा, जांच पूरी होने और तथ्य सामने आने से पहले ही लोगों ने पक्ष लेना और धारणाएं बनाना शुरू कर दिया है। यदि हर बात पर ऐसा सोशल मीडिया ट्रायल होगा, तो हम काम कैसे करेंगे? हम शिक्षक हैं, हमारा काम पढ़ाना और मूल्यांकन करना है। नियमों का पालन करने के लिए शिक्षकों को निशाना बनाया जा रहा है।
  • एससी/एसटी सेल से कोई शिकायत नहीं: छात्र द्वारा भेदभाव के आरोपों पर डॉ. पंत ने उप-निदेशक प्रोफेसर रवींद्र गुड़ी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि एससी/एसटी सेल ने नोटिस जारी कर पुष्टि की है कि साहिल ने पिछले तीन से चार महीनों में किसी भी शिकायत के लिए सेल से कोई संपर्क नहीं किया था।
  • प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का बचाव: आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के समर्थन में उन्होंने कहा कि प्रोफेसर दूल्ला पहले डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स रह चुके हैं और छात्रों की मदद करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने केवल नियमों के तहत सख्ती से अपना कर्तव्य निभाया। डॉ. पंत ने कहा कि नकल को बर्दाश्त न करना संस्थान का नियम है। अगर कोई अनुचित साधनों का उपयोग करता है और शिक्षक कार्रवाई नहीं करते, तो यह उन छात्रों के साथ अन्याय होगा जो ईमानदारी से परीक्षा देते हैं।
  • कानूनी प्रक्रिया: उन्होंने कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और मुंबई क्राइम ब्रांच जांच कर रही है, इसलिए कानून अपना काम करेगा और जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।
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