सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएएल के साथ संयुक्त उद्यम बेंगलुरु में स्थापित किया जाएगा, जो हेलीकॉप्टर के लिए इंजन का निर्माण करेगा। यह इंजन मध्यम वजन वाले इंडियन मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर (आईएमआरएच) में लगाया जाएगा जिसका विकास एचएएल कर रहा है।
फ्रांस की प्रमुख रक्षा कंपनी सैफरान समूह ने मंगलवार को भारत में रक्षा उत्पादन को लेकर बड़ी घोषणा की है। सैफरान ने हैदराबाद में 36 मिलियन यूरो के निवेश के साथ उन्नत विमान इंजन के लिए पुर्जे और कलपुर्जे बनाने के लिए हैदराबाद में संयंत्र बनाने और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ एक संयुक्त उद्यम लगाने की घोषणा की। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेफ्रॉन के सीईओ ओलिवियर एंड्रीज के बीच एक बैठक हुई थी।
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इस बैठक के बाद घोषणा की गई कि फ्रांसीसी कंपनी भारतीय और विदेशी वाणिज्यिक विमानों के लिए एक मेंटिनेंसे रिपेयर एंड ओवरहाल सुविधा संयंत्र भी लगाएगी। 150 मिलियन अमेरिकी डालर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के माध्यम से हैदराबाद में स्थापित की जाने वाली एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) की सुविधा भारतीय और विदेशी दोनों वाणिज्यिक एयरलाइनों द्वारा विमान में इस्तेमाल किए जा रहे एलईएपी-1ए और एलईएपी-1बी इंजनों के लिए होगी।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएएल के साथ संयुक्त उद्यम बेंगलुरु में स्थापित किया जाएगा, जो हेलीकॉप्टर के लिए इंजन का निर्माण करेगा। यह इंजन मध्यम वजन वाले इंडियन मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर (आईएमआरएच) में लगाया जाएगा जिसका विकास एचएएल कर रहा है। सैफरान ग्रुप असैन्य एवं लड़ाकू विमानों के उन्नत इंजनों के असली कलपुर्जे बनाने वाली अग्रणी कंपनी है।
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रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह एमआरओ केंद्र शुरुआती दौर में साल भर में 250 से अधिक इंजनों की मरम्मत कर पाने में सक्षम होगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात के दौरान सैफरान ग्रुप के सीईओ ने इस हफ्ते इन तीनों संयंत्रों के उद्घाटन के बारे में भी चर्चा की। हैदराबाद में विमान इंजन कलपुर्जा संयंत्र और एमआरओ सुविधा केंद्र के अलावा बेंगलुरु में सैफरान-एचएएल संयुक्त उद्यम स्थापित किया जाना है।
इस मुलाकात में रक्षा मंत्री ने सैफरान को भारत में रक्षा उपकरणों के विनिर्माण एवं विकास के लिए नए उद्यम लगाने का न्योता देते हुए कहा कि इससे 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को बल मिलेगा।