गोयल ने कहा, केंद्र रेलवे को लेकर गंभीर है। 2013-14 के 54 हजार करोड़ रुपये की तुलना में इस बार रेलवे के लिए 1.61 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस राशि का इस्तेमाल 58 सुपर क्रिटिकल और 68 क्रिटिकल परियोजनाओं के लिए होगा।
सोनिया जी के राय बरेली में हमने कोच बनाना शुरू किया
गोयल ने कहा, सोनिया जी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्टरी में 2014 से पहले एक भी कोच नहीं बना था। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वहां काम शुरू कराया और 2019-20 में वहां अब तक एक हजार कोच बनकर तैयार हुए। यही नहीं इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 2000 कोच बनाकर यह फैक्टरी कीर्तिमान स्थापित करेगी।
बेनिहाल से बारामूला रेल लाइन का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा, एक बार काम पूरा होते ही कन्याकुमारी रेल मार्ग से बारामूला से जुड़ जाएगा। इसी तरह हमारी सरकार ने पूर्वोत्तर में कई योजनाएं शुरू कर पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियों को जोड़ना शुरू कर दिया है।
बड़े लक्ष्य तय किए, इनके लिए प्रयास भी जारी
रेल मंत्री ने कहा, हमारी सरकार न सिर्फ बड़े लक्ष्य तय करती है बल्कि उन्हें हासिल करने के प्रयास भी करती है। हमने देश की 6 हजार किलोमीटर की रेल लाइन के विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा है और 5200 किलोमीटर पर काम पूरा हो गया है। 2013-14 में तत्कालीन सरकार ने इस काम के लिए 600-650 किलोमीटर का लक्ष्य तय किया था।
यूपीए की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए गोयल ने कहा, रेलवे में पेंशन फंड के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ। 2014 में जब हमारी सरकार आई तो इसकी हालत बहुत खराब थी, हमने इसमें जरूरी सुधार किए। हमने किराया बढ़ाए बिना राजस्व बढ़ाने के कदम उठाए।
अधीर का पलटवार, रेलवे में सुधार के सिवा सब हो रहा
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा, रेलवे में सुधार के सिवा सब कुछ हो रहा है। रेलवे विकृति की ओर है। सरकार अपने फायदे के लिए न सिर्फ नियमों को तोड़ मरोड़ रही है बल्कि रेल संचालन को निजी हाथों में सौंपने की साजिश कर रही है। भारतीय रेलवे बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता के लिए विश्व में 28वें स्थान पर थी। उन्होंने सवाल किया कि पीएम मोदी की रेलवे परियोजना की मौजूदा स्थिति क्या है? इसकी समयसीमा 2022 है। अब तक सिर्फ 30 फीसदी भूमि का अधिग्रहण ही हुआ है।
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