सफदरजंग अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि संस्थान में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। कोरोना मरीजों के इलाज में भी ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि सभी विभागाध्यक्षों से इस बात का अनुरोध किया गया है कि वे अपने यहां होने वाले गैर-जरूरी ऑपरेशन को टाल दें। हालांकि, यह अभी आदेश के रूप में जारी नहीं किया गया है, इसका अर्थ है कि डॉक्टर इस मामले में अपने स्तर पर निर्णय ले सकेंगे। लेकिन अगर ऑक्सीजन की कमी का यही संकट बरकरार रहा तो इसे आदेश के रूप में जारी किया जा सकता है।
औद्योगिक क्षेत्र को ऑक्सीजन सप्लाई पर रोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में देश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर विचारविमर्श किया गया है। इसमें देश में मौजूद ऑक्सीजन उत्पादन की पूरी क्षमता का आकलन कर ऑक्सीजन की कमी को पूरी करने पर भी विचार किया गया है। एहतियात के तौर पर अन्य क्षेत्रों को ऑक्सीजन की सप्लाई रोके देने का निर्णय किया गया है।
उत्पादन पर भी जोर
ऑक्सीजन की बढ़ती मांग और कम सप्लाई को देखते हुए इसके उत्पादन को बढ़ाने का निर्णय किया गया है। देश की राजधानी दिल्ली में अगले दो दिनों के अंदर ऑक्सीजन उत्पादन का एक नया केंद्र शुरू हो जाएगा, जिससे राजधानी के ऑक्सीजन की भारी मांग का एक बड़ा हिस्सा पूरा किया जा सकेगा। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी ऑक्सीजन उत्पादन का एक केंद्र शुरू कर दिया गया है।
देश के कई अन्य हिस्सों में भी केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की भागीदारी के साथ ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाकर इस कमी को पूरा करने की रणनीति अपनाई गई है। उम्मीद है कि इससे देश में ऑक्सीजन की कमी को जल्दी ही पूरा किया जा सकेगा।