फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला विशेष : साध्वी प्राची बोलीं-भगवान राम को इस कदर भूल जाना सरकार के लिए खतरे की घंटी

Fri, 14 Sep 2018 05:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
साध्वी प्राची
विज्ञापन

राम का नाम लेकर सत्ता का सुख भोगने वाली सरकारों को लेकर साध्वी प्राची ने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राम को इस कदर भूल जाना सरकार के लिए खतरे की घंटी है, क्योंकि राम मंदिर को लेकर सरकार की ढुलमुल रवैये से संत समाज में भयानक आक्रोश है। जितनी जल्दी सरकार ने संशोधित एससी-एसटी एक्ट पर दिखाई उसी तरह रामलला के मुद्दे पर भी तेजी दिखाते हुए करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए नहीं तो जनता इन्हे सिंहासन से हटाने में देर नहीं करेगी। फूलपुर, कैराना और गोरखपुर के नतीजे राम मंदिर के निर्माण पर बेरुखी का ही नतीजा है।  

विज्ञापन


उक्त बातें हिंदुत्व को मुखर करने वाली बयानों से हमेशा सुर्खियों में रहने वाली साध्वी प्राची ने अमर उजाला से खास बातचीत में राम मंदिर के साथ-साथ देश के अन्य कई मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की। राजनीति में सियासतदान रामलला को क्या सिर्फ चुनावी मुद्दा ही मानते हैं या फिर रामलला के लिए सरकार कोई ठोस कदम उठा रही है के सवाल पर साध्वी प्राची ने कहा कि मुझे बेहद दुख है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक प्रभु रामलला टाट में हैं जबकि नेता ठाठ में हैं।

साध्वी प्राची ने एक सवाल के जवाब में कहा कि फूलपुर, कैराना और गोरखपुर के उपचुनाव में आस्था के साथ खिलवाड़ करने का हश्र सरकार ने देख तो लिया ही है। राम का नाम लेकर सत्ता में आने वाले अगर राम को भूल गए तो उन्होंने हाल ही में हुए उपचुनाव में देख भी तो लिया है।
विज्ञापन


सराकर से संत समाज है नाराज
उन्होंने कहा कि मैं पिछले दिनों अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए गई थी मैंने वहां देखा है कि राममंदिर का निर्माण न होने से संत समाज बहुत आक्रोशित है। आने वाले समय में संत समाज प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर राममंदिर निर्माण पर जल्द से जल्द फैसला लेने के लिए आग्रह करेगा। 

सरकार की मंशा सवालों के घेरे में
सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन राम मंदिर मामले में साध्वी प्राची ने कहा कि मैंने रामलला के लिए हमेशा से ही लड़ाई लड़ी है, आपको याद होगा कि 1992 में मैं राम मंदिर में चढ़ी थी तब मेरे दोनों पैर टूट गए थे, मैंने हमेशा राम मंदिर की लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ती रहूंगी। साध्वी प्राची ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगामी लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर अगर नहीं बना तो हिंदुस्तान के करोड़ों हिंदू सरकार को सबक सिखाने में पूरी तरह से समर्थ हैं।
   

विज्ञापन

सरकार राम मंदिर पर भी एससी-एसटी एक्ट की तरह लाए कानूनः साध्वी प्राची

उन्होंने यह भी साफ किया कि राम मंदिर के मुद्दे पर भी सरकार कोई ठोस फॉर्म्यूला लाए जैसे एससी-एसटी एक्ट के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए संशोशित एससी-एसटी एक्ट को संसद में पारित कर दिया उसी तरह सरकार को रामलला के लिए भी कानून लाकर राममंदिर निर्माण अविलंब कराना चाहिए। रामलला का मुद्दा कोर्ट में विचाराधीन है के सवाल का जवाब देते हुए उन्होने कहा कि आतंकवादियों के लिए अगर कोर्ट रात में खुल सकती है तो फिर रामलला के लिए इतनी देर क्यों हो रही है। 

राजनीति में आने के सवाल पर बोंली समय तय करेगा आगे क्या करना है
साध्वी प्राची से जब 2014 में लोकसभा चुनाव में टिकट को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंन कहा कि मेरा राजनीति में आने की फिलहाल कोई मंशा नहीं है। मैं अभी न टिकट के लिए न राजनीति में सक्रिय होने का प्रयास कर रही हूं मेरा फिलहाल मकसद सिर्फ राम मंदिर का निर्माण कराना है। मैंने हमेशा से ही भगवान राम के नाम की लड़ाई लड़ी है। मुझे दुख है कि हिंदू वादी देश होने के बाद भी राम मंदिर निर्माण में इतनी देर हो रही है तो क्या पाकिस्तान में हिंदू मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द राम मंदिर का निर्माण कराना चाहिए।

एक तरफ बीजेपी की तारीफ भी की 
देश की अन्य समस्याओं के सवाल के जवाब में साध्वी प्राची ने कहा कि अटल सरकार ने ही देश में विकास की गंगा बहाई थी। भाजपा ही एक मात्र पार्टी है जो हिंदुत्व और विकास को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश में विकास का एजेंडा लेकर आगे बढ़ रही है और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की मुहिम में मैंने भी बागपत में अपना योगदान दिया था। बरेली में लड़कियों की लड़ाई में मैंने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें