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भगोड़े मेहुल चोकसी से सांठगांठ पर कांग्रेस ने मांगा वित्तमंत्री का इस्तीफा, पेश किए कई नए तथ्य

Mon, 22 Oct 2018 03:09 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सचिन पायलट - फोटो : PTI
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कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आर्थिक आतंकियों और भगोड़ों को सुरक्षित रास्ता देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार के 44 महीनों में 23 घोटालेबाजों ने देश को 53 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक चूना लगाया। वहीं, वित्तमंत्री और उनके परिवार पर मेहुल चोकसी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अरुण जेटली की बर्खास्तगी और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।  

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सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने पीएनबी बैंक घोटालों के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से संबंधित कई नए तथ्य पेश किए। पायलट ने वित्त मंत्री अरुण जेटली, उनकी पुत्री सोनाली जेटली और दामाद जयेश पर आरोप लगाते हुए कहा कि जेटली एसोसिएट्स ने मेहुल चोकसी की फर्म गीतांजलि जेम्स लिमिटेड से रिटेनरशिप के तौर पर 24 लाख रुपये लिए।

कांग्रेस नेता पायलट का कहना है कि साल 2016 में पीएमओ की तरफ से सभी शिकायतें वित्त मंत्री अरुण जेटली के भेजे जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं दिसंबर, 2017 में सोनाली जेटली और जयेश के जेटली एसोसिएट्स को गीतांजलि जेम्स ने 24 लाख की रिटेनरशिप का भुगतान किया। 1 जनवरी, 2018 को नीरव मोदी और 4 जनवरी को मेहुल के भारत छोड़ने के बाद 31 जनवरी को सीबीआई ने मेहुल और अन्य पर पहली एफआईआर दर्ज की। वहीं 15 फरवरी, 2018 को इस मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई।

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सोनाली जेटली और उनके पति को पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया गयाः पायलट

पायलट के मुताबिक जब ईडी पूरे देश में मेहुल चोकसी और नीरव मोदी की संपत्तियों पर छापेमारी कर रही थी और जिन लोगों ने मेहुल और नीरव मोदी से उधार ले रखा था, वे भारत सरकार को पैसे जमा करा रहे थे। लेकिन जेटली एसोसिएट्स ने 20 फरवरी को रिटेनरशिप के पैसे भारत सरकार को देने की जगह मेहुल के गीताजंलि जेम्स के मुंबई स्थित आईसीआईसीआई बैंक के खातों में जमा करा दिए। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई, ईडी और एसएफआईओ ने सोनाली जेटली और उनके पति को पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया।

कांग्रेस नेता का कहना है कि मेहुल चोकसी और नीरव मोदी ने मिलकर 21 हजार 306 करोड़ का घोटाला किया। वहीं गीतांजलि जेम्स ने ज्वैलरी निवेश के जरिए आम निवेशकों को पांच हजार करोड़ रुपयों का अतिरिक्त चूना लगाया। उनका कहना है कि इन सभी घोटालों का जानकारी सरकार को जनवरी, 2015 में ही हो गई थी। पीएमओ, वित्त एवं कारपोरेट मंत्रालय, ईडी, एसएफआईओ और सेबी समेत तमाम एजेंसियों को इन घोटालों की जानकारी थी।

यहां तक कि जुलाई, 2016 में गुजरात हाईकोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में इस बात का उल्लेख है कि मेहुल चोकसी देश छोड़कर भागने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस ने सरकार से सवाल किया कि 2015 से 2017 तक कई एफआईआर दर्ज होने के बाद भी मेहुल, नीरव मोदी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने सीबीआई, वित्त मंत्रालय, ईडी और एसएफआईओ पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसके कहने पर एजेंसियों ने आरोपियों के भागने का इंतजार किया।  
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