पायलट के मुताबिक जब ईडी पूरे देश में मेहुल चोकसी और नीरव मोदी की संपत्तियों पर छापेमारी कर रही थी और जिन लोगों ने मेहुल और नीरव मोदी से उधार ले रखा था, वे भारत सरकार को पैसे जमा करा रहे थे। लेकिन जेटली एसोसिएट्स ने 20 फरवरी को रिटेनरशिप के पैसे भारत सरकार को देने की जगह मेहुल के गीताजंलि जेम्स के मुंबई स्थित आईसीआईसीआई बैंक के खातों में जमा करा दिए। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई, ईडी और एसएफआईओ ने सोनाली जेटली और उनके पति को पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया।
कांग्रेस नेता का कहना है कि मेहुल चोकसी और नीरव मोदी ने मिलकर 21 हजार 306 करोड़ का घोटाला किया। वहीं गीतांजलि जेम्स ने ज्वैलरी निवेश के जरिए आम निवेशकों को पांच हजार करोड़ रुपयों का अतिरिक्त चूना लगाया। उनका कहना है कि इन सभी घोटालों का जानकारी सरकार को जनवरी, 2015 में ही हो गई थी। पीएमओ, वित्त एवं कारपोरेट मंत्रालय, ईडी, एसएफआईओ और सेबी समेत तमाम एजेंसियों को इन घोटालों की जानकारी थी।
यहां तक कि जुलाई, 2016 में गुजरात हाईकोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में इस बात का उल्लेख है कि मेहुल चोकसी देश छोड़कर भागने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस ने सरकार से सवाल किया कि 2015 से 2017 तक कई एफआईआर दर्ज होने के बाद भी मेहुल, नीरव मोदी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने सीबीआई, वित्त मंत्रालय, ईडी और एसएफआईओ पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसके कहने पर एजेंसियों ने आरोपियों के भागने का इंतजार किया।