सबरीमाला मंदिर मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद तीर्थयात्रा सीजन को ध्यान में रखते हुए महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर में इसी महीने से महिला पुलिस की तैनाती की जाएगी। केरल पुलिस के डीजीपी लोकनाथ बेहरा ने शुक्रवार को कहा कि सभी पुलिस कर्मियों को अपने-अपने धर्म और राजनीति के तहत कार्य करने का अधिकार है, लेकिन कानून प्रवर्तन एजेंसी होने के नाते पुलिस की न तो कोई जाति है और न ही कोई धर्म। हमें अपना दायित्व निभाना ही होगा।
डीजीपी का यह बयान मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार 16 अक्तूबर से शुरू हो रहे तीर्थयात्रा सीजन में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करेगी। वहीं, त्रावणकोर देवासम बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक में कहा गया कि मंदिर आने वाली महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।