50 साल पहले दुल्हन बनकर पाकिस्तान गईं आमना (75) तब से अब पहली बार भारत आई हैं। उनकी तमन्ना है कि वे एटा जिले में मायके के उस आंगन और मोहल्ले पहुंचें जहां उनका बचपन बीता, पर वीजा में दर्ज न होने के कारण वे वहां नहीं जा सकतीं। हालांकि उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी फरियाद सुनेगी। कई कोशिशों के बाद अब वह दो महीने का वीजा लेकर अलीगढ़ आ गई हैं। यहां भाई को देखते ही आमना की आंखें छलछला उठीं। दोनों एक -दूसरे से लिपट कर खूब रोये।
एटा के मारहरा इलाके में जन्मीं आमना बेगम का निकाह उनकी बुआ के बेटे के साथ हुआ था। इसके बाद वह शौहर के साथ पाकिस्तान चली गईं। हालांकि, फोन से परिजनों से बातचीत होती रहती है। एक दफा आमना भारत आने को थीं, लेकिन तबीयत खराब होने के बाद वह नहीं आ सकीं। गुरुवार रात जब आमना ने अपने भाई उस्मान को देखा, तो वह रोने लगीं। शुक्रवार की सुबह वह महानगर के भुजपुरा इलाके में अपने घर पहुंची हैं।
चार साल वाला भाई अब 54 का हो गया
पाकिस्तान के राज्य पंजाब के जिला मुल्तान के शुजाबाद निवासी आमना बताती हैं कि जब वह पाकिस्तान गई थीं, तब भाई उस्मान की उम्र चार साल थी। अब वह 54 साल का हो गया है। आमना के सात बेटे व दो बेटियां हैं। शौहर का इंतकाल हो चुका है।
अफसर ही कर सकते हैं मेहरबानी
आमना कहती हैं कि अगर खुदा को मंजूर होगा, तो दोबारा यहां आ आएंगी, पर उम्मीद कम ही लग रही है। इसलिए वह अपनी जन्मभूमि मारहरा को देखना चाहेंगी। यह सब अफसरों की मेहरबानी से ही मुमकिन हो सकेगा। दरअसल, नासमझी के चलते वीजा में मारहरा व मथुरा का नाम लिखने से रह गया। इन शहरों में इनके तमाम रिश्तेदार हैं, जिन्हें देखना चाहती हूं। वीजा में अलीगढ़ का नाम ही दर्ज है।