सबरीमाला मंदिर पर जब से उच्चतम न्यायालय ने महिलाओं के पक्ष में फैसला सुनाया है, तभी से इसका काफी विरोध हो रहा है। न्यायालय ने अपने आदेश में सभी उम्र की महिलाओं के लिए मंदिर के दरवाजे खोलने का फैसला सुनाया था। मंगलवार को अदालत ने अपने पूर्व के फैसले के खिलाफ दायर की गई पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया था।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति
रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने नेशनल अयप्पा डिवोटीज एसोसिएशन की अध्यक्ष शैलजा विजयन की दलील पर विचार किया था। विजयन ने अपने वकील मैथ्यूज जे नेदुम्पारा के माध्यम से दायर की याचिका में दलील दी थी कि पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने प्रतिबंध हटाने का जो फैसला दिया वह ‘पूरी तरह असमर्थनीय और तर्कहीन है।’
इस मामले पर जारी विरोध के बीच मलयालम सिनेमा के अभिनेता कोल्लम थुलासी का एक बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने महिलाओं के दो टुकड़े करने के लिए कहा है। कोल्लम में बोलते हुए थुलासी ने कहा, 'सबरीमाला मंदिर आने वाली महिलाओं के दो टुकड़े किए जाएंगे। एक टुकड़े को दिल्ली तो दूसरे को तिरुवनंतपुरम में स्थित
मुख्यमंत्री कार्यालय पर फेंक दिया जाएगा।'
बता दें कि राज्य की वामपंथी सरकार ने अदालत के फैसले को लागू करने का फैसला लिया है जिसके खिलाफ बुधवार को हिंदू संगठनों ने एक रैली का आयोजन किया और सड़कें जाम कर दीं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या महिलाओं की थी, जो उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने के सरकार के फैसले का विरोध कर रही हैं। एर्नाकुलम जिले में कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी देखने को मिली।