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सबरीमाला सोना चोरी मामला: SIT की कार्रवाई तेज, मुख्य आरोपी के आवास और बेल्लारी की ज्वैलरी शॉप में छापेमारी

Sat, 25 Oct 2025 12:24 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, बंगलूरू

सार

केरल के सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी मामले में एसआईटी ने कार्रवाई तेज कर दी। मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोटी के बंगलूरू अपार्टमेंट और बेल्लारी ज्वैलरी शॉप पर छापेमारी की गई। कई सोने की बारें जब्त हुई हैं, जांच जारी है कि ये 2019 में भेजी गई द्वारपालक मूर्तियों की प्लेटों से संबंधित हैं या नहीं।

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सबरीमाला मंदिर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केरल के सबरीमाला मंदिर से सोने के चोरी मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसके तहत अब एसआईटी ने शनिवार को मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोटी के बंगलूरू स्थित अपार्टमेंट और बेल्लारी के एक ज्वैलरी शॉप पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, पोटी को शुक्रवार को जांच के सिलसिले में बंगलूरू लाया गया था। एसआईटी ने गोवर्धन नामक ज्वैलरी शॉप का भी निरीक्षण किया, जिसने मंदिर के श्रीकोविल (मुख्य गर्भगृह) के दरवाजे के सोने की चढ़ाई के काम में फंडिंग की थी।

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मामले में अधिकारियों ने बताया कि यहां से कई सोने की बारें जब्त की गई हैं, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ये सोने की बारें 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए भेजी गई द्वारपालक मूर्तियों की प्लेटों से संबंधित हैं या नहीं।इससे पहले एसआईटी ने पहले ही गोवर्धन का बयान दर्ज कर लिया है। वहीं, टीम ने पोटी के श्रीरामपुरा स्थित अपार्टमेंट और वहां के अय्यप्पा मंदिर का भी दौरा किया, जहां वह पहले पुजारी रहे हैं।

ये भी पढ़ें:- Sabrimala Case: सबरीमाला मामले में सबूत जुटा रही एसआईटी, मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन को बंगलूरू लेकर गई
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पोटी को चेन्नई के एक कार्यालय ले जाया जाएगा
अब मामले में अगले कदम के रूप में पोटी को चेन्नई के स्मार्ट क्रिएशन कार्यालय ले जाया जाएगा, जहां 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग का काम हुआ था। रन्नी की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पहले ही पोटी को 30 अक्टूबर तक SIT की कस्टडी में सौंपा था। जांचकर्ताओं का लक्ष्य है कि इस अवधि में सभी सबूत इकट्ठे कर लिए जाएं। इसके साथ ही जांच में सामने आया है कि पोटी ने 2019 में ट्रावनकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) से द्वारपालक मूर्तियों की सोने की चढ़ी हुई प्लेटें इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए ली थीं और बिना अनुमति के इन्हें विभिन्न मंदिरों और घरों में ले गया।

दो मामलों में आरोपी है पोटी
गौरतलब है कि पोटी दो मामलों में मुख्य आरोपी हैं, जिसमें एक द्वारपालक प्लेटों से सोने की गायब होने और दूसरा श्रीकोविल दरवाजे के फ्रेम से सोने के गायब होने का। उन्हें द्वारपालक प्लेटों से सोने के गायब होने के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जबकि इसी मामले में SIT ने हाल ही में पूर्व सबरीमाला प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू को भी गिरफ्तार किया है।

ये भी पढ़ें:- केरल: सबरीमाला मंदिर से सोने के गायब होने का मामला, एसआईटी ने पूर्व प्रशासनिक अधिकारी को किया गिरफ्तार

टीडीबी अध्यक्ष बोले- भगवान अयप्पा का एक दाना सोना भी नहीं खोना चाहिए
वहीं इस मामले में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष पीएस प्रसांत ने शनिवार को कहा कि अगर बोर्ड ने हाईकोर्ट को ‘द्वारपालक’ मूर्तियों की सोने की परत हटाकर मरम्मत के बारे में समय पर सूचित किया होता, तो यह मामला पहले ही सामने आ सकता था। पत्रकारों से बातचीत में प्रसांत ने कहा कि भगवान अयप्पा का एक दाना सोना भी नहीं खोना चाहिए। हम इस मामले में कुछ भी छिपा नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच विशेष जांच टीम (एसआईटी) सही दिशा में कर रही है और उन्हें भरोसा है कि चोरी हुआ सोना बरामद कर लिया जाएगा।

प्रसांत ने कहा कि कुछ लोग उन्हें बेंगलुरु के व्यवसायी उन्नीकृष्णन पोटी से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन “हमारा उनसे कोई संबंध नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी अधिकारी या बोर्ड सदस्य की संलिप्तता पाई गई, तो एसआईटी उसे जरूर उजागर करेगी।

भाजपा ने केरल सचिवालय के बाहर किया प्रदर्शन
इसके साथ ही केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। राजीव चंद्रशेखर ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सबरीमाला सोने की चोरी में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस दौरान नारेबाजी करते हुए देवस्वोम बोर्ड और राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के कारण सचिवालय क्षेत्र में कुछ समय के लिए ट्रैफिक प्रभावित रहा।

'साबरिमला सोने के मामले में कांग्रेस ने किया दावा सही साबित'
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशान ने शनिवार को दावा किया कि साबरिमला मंदिर से चोरी हुआ सोना एक करोड़पति के घर से बरामद किया गया है। सतीशान का यह बयान कांग्रेस के उस आरोप को सही ठहराता है कि चोरी का सोना किसी अमीर व्यक्ति को बेचा गया था। सतीशान का संदर्भ कर्नाटक के व्यापारी गोवर्धन के जेवरात की दुकान से बरामद सोने के बारों की ओर था। गोवर्धन ने श्रीकोविल के द्वार के फ्रेम पर सोने की चढ़ाई का खर्चा उठाया था। इस परियोजना का आधिकारिक प्रायोजक बेंगलूरू के व्यापारी उन्नीकृष्णन पोटी थे, जिन्हें एसआईटी ने गिरफ्तार किया है।

सतीशान ने आरोप लगाया कि त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (टीडीबी) में अनियमितताएं हुईं और उसने पोटी को द्वारपालक मूर्तियों की सोने की चढ़ाई का काम सौंपा। उन्होंने कहा कि केरल हाईकोर्ट की कार्यवाही और एसआईटी की जांच ने विपक्ष के आरोपों को सही साबित किया है। सतीशान ने मांग की कि देवास्वोम मंत्री वी एन वासवन को इस्तीफा देना चाहिए और टीडीबी का पुनर्गठन होना चाहिए।

रिटायर्ड जज ने सबरीमाला मंदिर की तिजोरी का लिया जायजा
केरल के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश के. टी. संकरन ने अरनमुला स्थित सबरीमाला मंदिर के मुख्य तिजोरी का निरीक्षण किया। उनका काम मंदिर की तिजोरी में रखे सोने और अन्य कीमती वस्तुओं की सूची तैयार करना है। यह फैसला केरल हाई कोर्ट के आदेश पर लिया गया है, क्योंकि मंदिर से कुछ सोने की वस्तुएं गायब होने की खबरें आई थीं।

न्यायाधीश संकरन पहले मंदिर के अन्य तिजोरियों का भी निरीक्षण कर चुके हैं। अब मुख्य तिजोरी से सभी कीमती सामान को दूसरी जगह स्थानांतरित करके विस्तृत सूची बनाई जा रही है, जिसमें कई दिन लग सकते हैं। हाई कोर्ट ने यह काम उनके अनुभव के आधार पर सौंपा है। इसके साथ ही, विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सोने के प्लेटों के वजन घटने के मामले में दो मामले दर्ज किए हैं और दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
 
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सबरीमाला सोने की चोरी मामले में एसआईटी की छापेमारी
सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के बंगलूरू मौजूद अपार्टमेंट और बल्लारी में एक आभूषण की दुकान पर छापेमारी की। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पोट्टी को शुक्रवार को जांच के सिलसिले में बंगलूरू ले जाया गया। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने गोवर्धन के स्वामित्व वाली आभूषण की दुकान की तलाशी ली, जिसने कथित तौर पर मंदिर के श्रीकोविल (गर्भगृह) द्वार की चौखट पर सोने की परत चढ़ाने के काम के लिए धन मुहैया कराया था, जिसे आधिकारिक तौर पर पोट्टी ने प्रायोजित किया था।

अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी ने आभूषण की दुकान से कई सोने की छड़ें जब्त कीं। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि जब्त किया गया सोना द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों की सोने से मढ़ी तांबे की प्लेटों से निकाला गया था, जिन्हें 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए भेजा गया था। एसआईटी ने जांच के सिलसिले में गोवर्धन का बयान पहले ही दर्ज कर लिया है। बल्लारी के रहने वाले गोवर्धन ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा कि वह भगवान अयप्पा के भक्त हैं और उन्होंने मंदिर का नया स्वर्ण-प्लेटेड द्वार बनवाने के लिए 35 लाख रुपये खर्च किए थे।
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