टीडीबी अध्यक्ष बोले- भगवान अयप्पा का एक दाना सोना भी नहीं खोना चाहिए
वहीं इस मामले में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष पीएस प्रसांत ने शनिवार को कहा कि अगर बोर्ड ने हाईकोर्ट को ‘द्वारपालक’ मूर्तियों की सोने की परत हटाकर मरम्मत के बारे में समय पर सूचित किया होता, तो यह मामला पहले ही सामने आ सकता था। पत्रकारों से बातचीत में प्रसांत ने कहा कि भगवान अयप्पा का एक दाना सोना भी नहीं खोना चाहिए। हम इस मामले में कुछ भी छिपा नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच विशेष जांच टीम (एसआईटी) सही दिशा में कर रही है और उन्हें भरोसा है कि चोरी हुआ सोना बरामद कर लिया जाएगा।
प्रसांत ने कहा कि कुछ लोग उन्हें बेंगलुरु के व्यवसायी उन्नीकृष्णन पोटी से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन “हमारा उनसे कोई संबंध नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी अधिकारी या बोर्ड सदस्य की संलिप्तता पाई गई, तो एसआईटी उसे जरूर उजागर करेगी।
भाजपा ने केरल सचिवालय के बाहर किया प्रदर्शन
इसके साथ ही केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। राजीव चंद्रशेखर ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सबरीमाला सोने की चोरी में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस दौरान नारेबाजी करते हुए देवस्वोम बोर्ड और राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के कारण सचिवालय क्षेत्र में कुछ समय के लिए ट्रैफिक प्रभावित रहा।
'साबरिमला सोने के मामले में कांग्रेस ने किया दावा सही साबित'
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशान ने शनिवार को दावा किया कि साबरिमला मंदिर से चोरी हुआ सोना एक करोड़पति के घर से बरामद किया गया है। सतीशान का यह बयान कांग्रेस के उस आरोप को सही ठहराता है कि चोरी का सोना किसी अमीर व्यक्ति को बेचा गया था। सतीशान का संदर्भ कर्नाटक के व्यापारी गोवर्धन के जेवरात की दुकान से बरामद सोने के बारों की ओर था। गोवर्धन ने श्रीकोविल के द्वार के फ्रेम पर सोने की चढ़ाई का खर्चा उठाया था। इस परियोजना का आधिकारिक प्रायोजक बेंगलूरू के व्यापारी उन्नीकृष्णन पोटी थे, जिन्हें एसआईटी ने गिरफ्तार किया है।
सतीशान ने आरोप लगाया कि त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (टीडीबी) में अनियमितताएं हुईं और उसने पोटी को द्वारपालक मूर्तियों की सोने की चढ़ाई का काम सौंपा। उन्होंने कहा कि केरल हाईकोर्ट की कार्यवाही और एसआईटी की जांच ने विपक्ष के आरोपों को सही साबित किया है। सतीशान ने मांग की कि देवास्वोम मंत्री वी एन वासवन को इस्तीफा देना चाहिए और टीडीबी का पुनर्गठन होना चाहिए।