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Sabarimala Gold Theft: अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा, गर्भगृह के दरवाजे से सोना गायब करने का आरोप

Thu, 30 Oct 2025 06:52 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

सबरीमाला सोना चोरी मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोटी को केरल के रन्नी कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पोटी मंदिर की ‘द्वारपालक’ मूर्तियों और गर्भगृह के दरवाजे से सोना गायब करने में शामिल था। 
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सबरीमाला सोना चोरी मामला - फोटो : ANI
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विस्तार
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केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोटी को गुरुवार को रन्नी की अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद अदालत में पेशी कराई।
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एसआईटी ने दोपहर के समय पोटी को रन्नी की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी से पूछा कि क्या उसे जांच टीम से कोई शिकायत है, जिस पर पोटी ने इनकार किया। हालांकि, उसने यह बताया कि वह कई बीमारियों से जूझ रहा है और नियमित रूप से दवा ले रहा है। इस पर सरकारी वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि जेल में उसके लिए उचित चिकित्सा जांच और इलाज की व्यवस्था की जाएगी।

अब भी दर्ज है एक और केस
अभियोजन पक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि सबरीमाला मंदिर से गायब सोने के एक अन्य मामले में पोटी को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। अदालत ने इस संबंध में निर्देश दिए कि सोमवार को उसे फिर से अदालत में पेश किया जाए। इसके बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और उसे तिरुवनंतपुरम की विशेष जेल में शिफ्ट कर दिया गया।
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जानें सोना चोरी का पूरा मामला
उन्नीकृष्णन पोटी पर आरोप है कि उसने मंदिर के ‘द्वारपालक’ मूर्तियों के सोने से मढ़े तांबे के प्लेटों से सोना चोरी किया था। इसके अलावा, सबरीमाला मंदिर के गर्भगृह (श्रीकोविल) के दरवाजे के फ्रेम से भी सोना गायब होने का मामला दर्ज है। पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं और जांच में कई नए पहलू सामने आ सकते हैं।
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अन्य अधिकारी भी रडार पर
इस मामले में सबरीमाला के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू भी जांच के घेरे में हैं। पुलिस ने उन्हें चार दिन की हिरासत में रखा है ताकि चोरी की साजिश और अन्य लोगों की संलिप्तता की जानकारी मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि चोरी के पीछे एक संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है।

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